पुलिस ने कस्तकार की शिकायत पर की वसूली, पीडि़त बैरंग लौटा

टीकरमाफी पुलिस चौकी के अजब-गजब के खेल

ब्यूरो रिपोर्ट- प्रेम कुमार शुक्ल, अमेठी

अमेठी। भय मुक्त का नारा देने वाली योगी आदित्य नाथ की पुलिस का पोल पुलिस चौकी टीकरमाफी ने खोल दिया है और पीडि़त कस्तकार की शिकायत पत्र पर पुलिस ने कार्यवाही करने के बजाय नजराना वसूली का खेल खेल दिया। पीड़ित को सप्ताह भर दौडाने के बाद बैरंग लौटा दिया। अब सरहंगो ने पीड़ित को जान से हाथ धोने की धमकी दे रहे हैं। कि जैसे बेटे को मार पीट कर हाथ पैर तोड दिया है। उसी तरह तेरी भी हाल करूंगा।

टीकरमाफी पुलिस चौकी के गांव अम्बरपुर मजरे सांकरमाना पटटी निवासी राम सूरत मौर्य पुत्र गुरूदीन मौर्य के पड़ोसी त्रिभुवन नारायण और त्रियुगी नारायण पुत्र गुरूदीन ने गाटा संख्या 41, 43, 46, 126 को जबरन कब्जा कर लिया है। जमीन छोडने के बजाय मार पीट पर आमादा है। और जान माल की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित राम सूरत मौर्य ने पुलिस चौकी टीकरमाफी में मामले को लेकर शिकायती पत्र 26 जुलाई 2021 चौकी प्रभारी को दिया। चार दिन पीड़ित राम मूरत मौर्य के शिकायत पर पुलिस ने कार्यवाही का भरोसा दिलाया। लेकिन सरहंगो की याद नहीं की। अगले दिन पुलिस ने सरहंगो को गांव से दबोचा और पुलिस चौकी ले आयी। पुलिस पीड़ित को हक दिलाने और जमीन से कब्जा हटवाने की बात कह रही थी। वहीं पुलिस सरहंगो से गुफ्तगू करने के बाद पीड़ित को न्याय दिलाने से साफ इंकार कर दिया है। और पुलिस पीड़ित को ही भय भीत कर दिया। कि अभी तेरे बेटे के हाथ पैर टूटे हैं। क्या जान गंवाने पर तुले हो। यह कहकर पीड़ित को धमकाते घर जाने की सलाह दी। अब घर पहुंचते ही पीड़ित को सरहंगो ने धमकाया और जान से मार दूंगा। पुलिस मेरे सपोर्ट में है। शिकायत किया लेकिन कुछ कर नहीं पाया। पीड़ित राम सूरत मौर्य ने महामहिम राष्ट्रपति राम नाथ कोबिद को शिकायत पत्र भेजकर इंसाफ की गुहार लगाई है और जान माल की रक्षा करने की मांग की। पुलिस की जांच की बात लिखी है। पीड़ित ने बताया कि पुलिस और सरहंग दोनों जान के दुश्मन बन गये हैं। भयभीत कर रखा है। अब घर भी सुरक्षित नहीं है।
पुलिस चौकी टीकरमाफी के प्रभारी ने बताया कि मै मौके पर नहीं था। शिकायत मिली। सरहंग का कब्जा पुलिस हटवायेगी। पीड़ित को न्याय मिलेगा।

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