आयुष्मान भारत योजना ने बेचूलाल और जानकी के आखों को दी नई रोशनी

 

अमेठी । आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है। जनपद के वासुपुर निवासी लाभार्थी बेचूलाल उम्र 62 वर्ष और सैठा गौरीगंज की निवासी जानकी उम्र 66 वर्ष ग्लूकोमा मोतियाबिंद से परेशान थी। पैसों के अभाव के कारण आँखों का इलाज नहीं हो पा रहा था। आयुष्मान योजना की जानकारी होने पर संयुक्त जिला अस्पताल में ऑपरेशन कर आँखों का इलाज किया गया । आखों में रोशनी आयी तो जिंदगी में वर्षों बाद उजाला आया । दोनों अपनी इस नई जिंदगी से बहुत खुश है।

बेचूलाल ने बताया कि आंख में मोतियाबिंद हो जाने से जिंदगी काफी दुरूह लग रही थी, लेकिन आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज हुआ तो आखों को नई रोशनी मिल गई। सैठा गौरीगंज की जानकी ने बताया कि आंख की रोशनी को लेकर बहुत परेशान थी। उनका आयुष्मान कार्ड बना हुआ था। उन्होंने अपना उपचार अस्पताल में निशुल्क करवाया। उन्होंने कहा आयुष्मान भारत योजना की बदौलत उन्हें निशुल्क उपचार मिल सका।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और नोडल अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि जनपद में अब तक प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 96920 परिवारों के आयुष्मान कार्ड अब तक बनाए जा चुके हैं। 11452 आयुष्मान लाभार्थी उपचार ले चुके हैं। लाभार्थियों के उपचार पर अब तक साढ़े आठ करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सीएमओ डा विमलेंदु शेखर ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक सरकारी अस्पताल के साथ-साथ योजना से आबद्ध निजी चिकित्सालयों में भी भर्ती होकर अपना इलाज करवा सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थी परिवार को हर साल पांच लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार का लाभ मिलता है। इसके हर व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड होना जरूरी है।उन्होंने बताया ग्रामीण और शहरी दोनों ही इलाकों में लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना से पहले गरीबों को इलाज कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कई बार तो इलाज महंगा होने की वजह से गरीब अपना इलाज नहीं करवा पाते थे।लेकिन जब से केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार ने योजना चलाकर आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया है तब से यह कार्ड लाभार्थियों लिए जीवनदाता बन गया है।

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