पितृपक्ष के अंतिम दिन पितरों की श्राद्ध कर विदा किया गया,तर्प

अमेठी उत्तर प्रदेश मानव जीवन के दौरान,मृत्यु के उपरांत माता-पिता, पितरौ,पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए वर्ष में पितृपक्ष का भी परंपरागत ऐतिहासिक महत्व होता है। पितृपक्ष के दौरान विपिन तिवारी व विभव तिवारी पुत्र स्वर्गीय हरिकेश कुमार तिवारी निवासी ग्राम -मण्डौली, विकासखंड संग्रामपुर,जनपद अमेठी नें पितृपक्ष के अंतिम दिन अपने स्वर्गीय पितरौ की आत्मा की शांति के लिए,नियुक्त चर्चित महा ब्राह्मण ने, हिंदू रीति रिवाज के आधार पर, विधि-विधान पूर्वक, दिवंगत आत्मा की शांति हेतु, विधि-विधान सम्मत,श्राद्ध कर, पिंडदान किया गया। जिससे कि पितरों,पूर्वजों की आत्मा को शांति मिल सके। इसलिए पितृपक्ष (तर्पण )का महत्व होता है।
इस अवसर पर राम प्यारे तिवारी गिरजा शंकर,राम यज्ञ,शिव शंकर पांडेय,सुनील,सुशील तिवारी,बबलू, पवन,सोनू,पप्पू,जय प्रकाश,लाल जी, अशोक पांडेय व समस्त तिवारी परिवार एवं क्षेत्रीय,संभ्रांत,प्रतिष्ठित गणमान्य उपस्थित रहें। उनकी आत्मा की शांति के लिए उपस्थित जन सैलाब ने ईश्वर से नेक कामना की हैं।

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