1.22 करोड़ रुपए की मंजूरी के साथ क्विकसैंड डिज़ाइन स्टूडियो के लिए इनोवेशन परियोजना शुरू

दिल्ली विज्ञान & प्रौद्योगिकी समाचार

फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) उद्योग में नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने मैसर्स क्विकसैंड डिजाइन स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली के साथ एक समझौता किया है। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड  ने ‘भारत-इज़राइल औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास और तकनीकी नवाचार कोष (आई4एफ)’  के अंतर्गत “डिजिटल फाइनेंशियल सॉल्यूशंस फॉर लास्ट माइल एफएमसीजी वैल्यू चेन इन इमर्जिंग मार्केट्स” नामक परियोजना का समर्थन करने के लिए 1.22 करोड़ रुपए का सशर्त अनुदान स्वीकृत किया है।

आई4एफ के अंतर्गत यह सहयोग भारत सरकार के विज्ञान और टेक्नोलॉजी विभाग तथा आईआईए,  इज़राइल सरकार के बीच स्थायी साझेदारी को दर्शाता है, जो भारत और इज़राइल की कंपनियों के बीच संयुक्त औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को बढ़ावा देने, सुविधा प्रदान करने और समर्थन करने के लिए है। इज़राइली प्रोजेक्ट लीड – मेसर्स वास्कोड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के नेतृत्व में इस परियोजना का उद्देश्य अत्याधुनिक डिजिटल फाइनेंस सॉल्यूशंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से उभरते बाजारों में अंतिम-मील की एफएमसीजी मूल्य श्रृंखलाओं में क्रांति लाना है।

अंतिम-मील एफएमसीजी मूल्य श्रृंखलाओं के अनुरूप एक एकीकृत डिजिटल वित्त प्लेटफॉर्म के विकास पर केंद्रित यह परियोजना मानव-केंद्रित डिजाइन में क्विकसैंड की प्रसिद्ध विशेषज्ञता का लाभ उठाती है। यूजर अनुभव को प्राथमिकता देकर तथा विविध उपभोक्ता आवश्यकताओं के साथ उत्पादों को संरेखित करके यह प्लेटफॉर्म उभरते बाजारों में वित्तीय सेवाओं के परिदृश्य को फिर से परिभाषित करने का वादा करता है। गूगल, फेसबुक और कोका-कोला जैसे उद्योग के दिग्गजों सहित प्रतिष्ठित ग्राहक के साथ, क्यूकसेंड परियोजना के लिए अद्वितीय अंतर्दृष्टि और नवाचार लाता है।

पूरा होने पर यह प्लेटफॉर्म एफएमसीजी मूल्य श्रृंखलाओं में वित्तीय सेवाओं को मूल रूप से जोड़ेगा, विशेष रूप से अंतिम-मील वितरण नेटवर्क को लक्षित करेगा। शाखा रहित बैंकिंग नेटवर्क और बी2बी वाणिज्य प्लेटफार्मों के प्रबंधन में क्विकसैंड के व्यापक अनुभव से आकर्षित यह परियोजना व्यवसायों और उपभोक्ताओं को समान रूप से सशक्त बनाने, वित्तीय समावेशन को चलाने और उभरते बाजारों में सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।

इस अवसर पर प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के सचिव श्री राजेश कुमार पाठक ने कहा कि यह साझेदारी रियल-वर्ल्ड की चुनौतियों का समाधान करने वाले नवाचार-संचालित समाधानों को बढ़ावा देने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है। द्विपक्षीय भारत-इजरायल सहयोग के अंतर्गत हस्ताक्षर किए गए पहले समझौते के रूप में यह प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) के लिए भविष्य की कई अभूतपूर्व परियोजनाओं के लिए मंच तैयार करता है। उन्होंने कहा कि हम निकट भविष्य में परिवर्तनकारी समझौतों की यात्रा प्रारंभ करने के लिए तैयार हैं।