गोरखपुर: बहुचर्चित मनीष गुप्ता हत्याकांड के 5 आरोपित पुलिसकर्मी जमानत पर रिहा

गोरखपुर: बहुचर्चित मनीष गुप्ता हत्याकांड के 5 आरोपित पुलिसकर्मी जमानत पर रिहा

पुलिस लाइन मे कराई आमद, मृतक की पत्नी समेत सभी गवाहों को सुरक्षा


गोरखपुर, मनीष गुप्ता हत्याकांड मामले में जमानत पर छूटे 5 आरोपी पुलिस वालों ने पुलिसलाइन में आमद कराई। ये पांचो 16 महीने पहले सस्पेंड होकर जेल गए थे। मनीष गुप्ता हत्याकांड में 10 जनवरी को जमानत पर छूटे एसआई अक्षय मिश्रा समेत पांच पुलिसकर्मियों ने नौकरी ज्वाइन कर ली है। इस हत्याकांड में तत्कालीन एसएसपी डॉ विपिन टाडा ने इनको सस्पेंड कर दिया था। कानपुर एसआईटी और सीबीआई जांच के दौरान उनको बारी-बारी से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद मामला सीबीआई कोर्ट में चले जाने के बाद सभी आरोपियों को तिहाड़ जेल भेज दिया गया। 16 महीने बाद 10 जनवरी को इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह को छोड़कर पांचो पुलिसकर्मियों पर 302 का आरोप सिद्ध नहीं पाए जाने पर उन्हें जमानत दे दी गई। शुक्रवार को सभी पुलिसकर्मी एक साथ गोरखपुर आए। पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करने के बाद शाम 4 बजे दारोगा अक्षय मिश्रा, राहुल दूबे, विजय यादव, मुख्य आरक्षी कमलेश यादव, आरक्षी प्रशांत कुमार पुलिस लाइन पहुंचे। सस्पेंड होने की जानकारी देते हुए सभी ने पुलिस लाइन में अपनी आमद कराई। इनका सस्पेंशन खत्म नहीं हुआ है। अभी यह पुलिसकर्मी निलंबित ही चल रहे हैं और इनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच अभी जारी रहेगी।

आपको बता दे कि 27 सितंबर 2021 की रात गोरखपुर के तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की पीटकर हत्या करने का आरोप लगने पर 28 सितंबर 2021 को तत्कालीन SSP डा. विपिन ताडा ने आरोपी इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, दारोगा अक्षय मिश्रा, राहुल दूबे, विजय यादव, मुख्य आरक्षी कमलेश और आरक्षी प्रशांत को सस्पेंड किया था। इसके बाद मामले के तूल पकड़ने पर सभी आरोपियों के खिलाफ मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ, इसके बाद पुलिस लाइन में आमद कराए बगैर सभी फरार हो गए। कानपुर SIT की टीम ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हत्या के मुकदमे में आरोप तय होने के बाद 10 जनवरी 2023 को 5 पुलिसकर्मी तिहाड़ जेल से रिहा हुए।
इंस्पेक्टर जेएन सिंह अभी तिहाड़ जेल में ही बंद हैं और उन्होंने अभी कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी नहीं दी है। आरोपी पुलिसवालों के जमानत पर रिहा होने के बाद इस मामले के सभी गवाहों को सुरक्षा भी दी जा रही है। इसके लिए सीबीआई कोर्ट ने यूपी के डीजीपी को आदेश जारी किया है। आरोपी 5 पुलिस वालों के जमानत पर रिहा होने के बाद मृतक मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने सीबीआई से सुरक्षा की मांग की थी, इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जाएगी।

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