जागरूक महिलाओं से साकार हो रहा परिवार नियोजन का सपना,जनपद को मिला मंडल में दूसरा स्थान

ब्यूरो रिपोर्ट-प्रेम कुमार शुक्ल, अमेठी
अमेठी |परिवार नियोजन कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्य को पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है,परिवार नियोजन कार्यक्रम में जनपद मंडल में दूसरा तो प्रदेश में 31 वा स्थान बनाने में कामयाब रहा है, एसीएमओ आरसीएच डॉ. एन के मिश्रा ने बताया कि का कहना है कि अप्रैल 2020 से जून 2021 तक सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही परिवार नियोजन की समग्री को महिलाओं ने अपनाया है। जिसके बूते जनपद को मंडल में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, उन्होनें बताया कि इस बीच आई यू सी डी में 12341, पी पी आईयू सी डी 5961, अंतरा 2625, पी टी के 54104, छाया 16437, कंड्रो म 453348, ई सी पी 20405 का उपयोग किया गया, उन्होंने बताया कि इस बीच जनपद में नसबंदी कराने में जहां पुरुषों की संख्या 1 है,वहीं इसी समयावधि में 2140 महिलाओं ने नसबंदी को अपनाया है। एसीएमओ ने कहा कि विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम चलाकर पुरूष नसबंदी का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने नसबंदी में दिलचस्पी दिखाने के साथ ही अन्य संसाधनों को अपनाने में भी पुरुषों को पछाड़ा है। महिलाओं ने परिवार संबंधी अन्य साधनों का भी सहारा लिया है।उन्होनें बताया कि नसबंदी करवाने वाले पुरुष को प्रदेश सरकार दो हजार व महिला को एक हजार चार सौ रूपये का प्रोत्साहन राशि देती है। जागरूकता के कार्यक्रम कराए जाते हैं, पुरुषों में नसबंदी के बाद बीमारी होने, कमजोर होने का भ्रम होता है। लोग इस भ्रम से दूर रहें। पुरुष नसबंदी में कोई चीरा या टांका नहीं लगता। नसबंदी के आधा घंटे बाद व्यक्ति घर जा सकता है। नसबंदी के 48 घंटे बाद व्यक्ति सामान्य हो जाता है।

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