पशु व मत्स्य पालकों को भी मिलेगा केसीसी का लाभ।

ब्यूरो रिपोर्ट – प्रेम कुमार शुक्ल, अमेठी

 

18 अगस्त से 17 सितम्बर तक चलाया जाएगा अभियान।

अमेठी 27 अगस्त 2021, जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि कृषकों को कृषि इनपुट आदि की व्यवस्था आसानी से समय पर उपलब्ध हो सके इसके लिये उन्हें धन की उपलब्धता बाधा न बने, इस उददेश्य की पूर्ति हेतु केसीसी से फसली ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा वर्ष 1998 से प्रारम्भ की गयी जो भारत सरकार द्वारा किसानों को और सुविधा प्रदान करने के उददेश्य से अब पशु पालन एवं मत्स्य पालकों को भी केसीसी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अन्तर्गत कृषक जो खेती के कार्य करने हेतु केसीसी की सुविधा रखते है वह रूपया 3 लाख की सीमा तक अतिरिक्त उप सीमा का लाभ प्राप्त कर सकते है। जो कृषक केवल पशुपालन एवं मत्स्य पालन या दोनों का कार्य करते है, खेती का कार्य नही करते है वह भी केसीसी की सुविधा रूपया 2 लाख की सीमा तक प्राप्त कर सकते है। ये कृषक भी फसली ऋण की भॉति समय से अदायगी करने पर 3 प्रतिशत का ब्याज पर अनुदान प्राप्त कर सकते है अर्थात 04 प्रतिशत वाार्षिक ब्याज दर पर फसल ऋण प्राप्त कर सकते है। कोलेटरल की कृषि ऋण की सीमा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 1 लाख रूपये से बढ़ा कर रूपये 1.60 लाख कर दिया गया है। भारतीय बैंक संघ ने देश के सभी बैंको को जारी किये गये गाइडलाइन में उल्लेख किया है कि लघु/सीमान्त कृषकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुये उनके लिये जारी किये जा रहे 3 लाख रूपये तक की सीमा तक की किसान क्रेडिट कार्ड के लिये प्रोसेसिंग, डाक्यूमेंटेशन, लेजर फोलियो के निरीक्षण शुल्क आदि को न लिया जाय। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक खेती में सस्ते दर परसस ऋण महत्वपूर्ण कृषि निवेशों को समय पर उपलब्धता कराने में महत्वपूर्ण योगदान करता है तथा लघु एवं सीमान्त कृषकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुये जनपद के सभी इच्छुक किसानों को केसीसी की सुविधा उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से 18 अगस्त से 17 सितम्बर के मध्य अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के संयोजक अग्रणी जिला बैंक प्रबन्धक एवं सह संयोजक जिला कृषि अधिकारी है। अग्रणी जिला बैंक प्रबन्धक द्वारा सूचनाओं को संकलित किया जा रहा हैं। इसके निमित्त बैंक शाखाओं पर सोमवार एवं बृहस्पतिवार को शिविर लगाया जा रहा है तथा विकास खण्ड स्तर पर एक मेगा क्रेडिट कैम्प का आयोजन किया जायेगा। कृषि, राजस्व, पशुधन, मत्स्य एवं सहकारिता आदि विभागों के कर्मचारियों को निर्देश दिये गये है कि वे आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने एवं केसीसी निर्गत कराने में कृषकों की सहायता करेगें। कृषक द्वारा फार्म के साथ फोटो, खतौनी, खसरा, आधार कार्ड की छायाप्रति उपलव्ध कराया जायेगा। फार्म प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर बैंक द्वारा कृषकों को केसीसी उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जनपद के ऐसे इच्छुक कृषक जो किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से वचिंत है वे यदि अपना किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना चाहते है तो तत्काल सम्बन्धित बैंक शाखा अथवा कृषि विभाग के स्थानीय कार्मिक या विकास खण्ड के राजकीय कृषि बीज भण्डार प्रभारी से सम्पर्क कर सकते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.