स्थानीय निकाय प्रभारी के स्पष्ट निर्देश के बावजूद प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं अधिशासी अधिकारी*

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*नगर पंचायत अध्यक्ष ने मण्डलायुक्त को पत्र लिखकर 31 अगस्त से ईओ को बताया अनुपस्थित*

*वेतन भुगतान समेत छिड़काव और फागिंग कार्य ठप होने का आरोप*

गोरखपुर । नगर पंचायत बांसगांव के अध्यक्ष वेद प्रकाश शाही को हाईकोर्ट के स्थगन मिलने के फलस्वरूप शासन द्वारा वित्तीय एंव प्रशासनिक अधिकार बहाल किये जाने के बाद 31 अगस्त को नगर पंचायत कार्यालय में कार्यभार ग्रहण किया गया।
मंगलवार को अध्यक्ष वेद प्रकाश शाही ने मण्डलायुक्त को दिए अपने पत्र में बताया कि नगर पंचायत में नियुक्त अधिशासी अधिकारी 31 अगस्त के बाद से ही गायब है । तब से न तो वो कार्यालय आये और न ही मेरा हस्ताक्षर प्रमाणित कर बैंक को भेजा गया। अपने पत्र में अध्यक्ष ने बताया कि जब अधिशासी अधिकारी से कार्यालय न आने का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश से वह छुट्टी पर हैं।
अध्यक्ष ने अपने पत्र यह भी लिखा है कि इस संबंध में मेरे द्वारा जब अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय से दूरभाष से बताया गया तो उन्होंने किसी भी प्रकार की छुट्टी न देने की बात कही। अध्यक्ष ने जिले में आई भीषण बाढ़ का हवाला देते हुए लिखा कि बाढ़ का पानी नगर पंचायत के वार्ड संख्या 5 तथा साथ में भी प्रवेश कर चुका था। इतना ही नहीं नगर पंचायत के सफाई कार्य में लगे सफाई कर्मियों का वेतन भुगतान विगत 2 माह से नहीं किया गया है, जिसके कारण सफाई कर्मी भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
उन्होंने लिखा है कि अधिशासी अधिकारी के इस रवैया से नगर के विकास के साथ-साथ सफाई पार्किंग तथा कीटनाशक का छिड़काव भी बंद हो चुका है जिससे नगर के लोगों को भीषण बीमारी की चपेट में आने से इनकार नहीं किया जा सकता ।
इस संबंध में सोमवार की शाम अधिशासी अधिकारी कमलेश शाही से उनके दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि अध्यक्ष को पदभार ग्रहण कराने के संबंध में उच्चाधिकारियों या शासन से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला था। जबकि कर्मचारियों के वेतन भुगतान के सवाल पर उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन से संबंधित पत्रावली तैयार है उच्चाधिकारियों या शासन से दिशा निर्देश मिलने के बाद वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।
वहीं सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 अगस्त को नगर पंचायत के अध्यक्ष वेद प्रकाश शाही द्वारा जिलाधिकारी गोरखपुर को दिए गए पत्र पर ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/प्रभारी स्थानीय निकाय द्वारा अधिशासी अधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था बावजूद इसके अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कार्यालय न पहुंचना और उच्चाधिकारियों द्वारा कोई निर्देश न मिलने की बात कही गयी जो समझ से परे है।

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