मोदी के साथ मीटिंग के बाद ऑस्ट्रेलिया के PM की चेतावनी- इंडिया के आसपास नहीं बनने देंगे ‘यूक्रेन’, देश लौटीं 29 ऐतिहासिक कलाकृतियां

ब्यूरो रिपोर्ट- हरेन्द्र कुमार यादव

 

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भारत-ऑस्ट्रेलिया के दूसरे वर्चुअल शिखर सम्मेलन में रूस को यूक्रेन पर हमला करने के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि जो भी कुछ यूरोप में हो रहा है, जैसी स्थिति यूक्रेन की है, वैसा कुछ भी इंडो-पैसिफिक रीजन में नहीं होने देंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन की मानवीय स्थिति पर चिंता जताई. हालांकि उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन जंग से क्वाड का फोक्स इंडो-पैसिफिक से नहीं हटना चाहिए. ऑस्ट्रेलिया ने यूक्रेन मुद्दे पर भारत के रूख को समझा और सहमति व्यक्त की.

उधर, पीएम मोदी ने पीएम मॉरिसन को LAC पर बने हालातों के बारे में जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा कि सीमा पर शांति बहाल होने तक चीन के साथ संबंध सामान्य नहीं हो सकते हैं. दरअसल, पैंगोंग झील क्षेत्रों में हिंसक झड़प के बाद भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध शुरू हो गया था और दोनों पक्षों ने धीरे-धीरे अपने सैनिकों और हथियारों की तैनाती बढ़ा दी थी. 15 जून, 2020 को गलवान घाटी में एक हिंसक झड़प के बाद तनाव बढ़ गया था. पीएम मॉरिसन ने दक्षिण चीन सागर में चल रही चीनी गतिविधियों के खिलाफ भी बात की.

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 29 बहुमूल्य मूर्तियां लौटाई हैं. इनमें शिव और उनके शिष्य, शक्ति की पूजा, भगवान विष्णु और उनके रूप, जैन परंपरा, चित्र और सजावटी मूर्तियां शामिल हैं. ये पुरावशेष 9वीं-10वीं शताब्दी के बताए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इन मूर्तियों का निरीक्षण किया.

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