प्रत्येक बुधवार पुलिस अधिकारी आपके द्वार

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा थाने की कार्यप्रणाली सुधारने, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण, अपराध नियंत्रण, कम्यूनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने हेतु प्रत्येक राजपत्रित अधिकारी व थाना प्रभारी अलग-अलग थानो पर जाकर ये चौपाल आयोजित करेंगे । इस चौपाल में उन थाना क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जायेगी जिसमें बड़ी आबादी के गाँव, जहाँ विवाद अधिक हो व कानून- व्यवस्था सम्बन्धी समस्याएं ज्यादा हो व अन्य घटनायें हुई हो । पुलिस चौपाल लगाए जाने के आदेश के क्रम में आज दिनांक 11.05.2022 को स्वयं द्वारा थाना सहजनवां सहित जनपद के समस्त थानों पर राजपत्रित अधिकारियों व थाना प्रभारीयों द्वारा दोपहर 13:00 बजे से 17:00 बजे तक “पुलिस चौपाल” लगाकर जनता की समस्याओं को सुना गया ।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा चलाए जा रहे अभियान “पुलिस चौपाल” के तहत थाना सहजनवां पर जनता की समस्याओं को सुना गया । चौपाल में अब तक कुल 08 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा 01 प्रकरणों में मुकदमा पंजीकृत करने हेतु निर्देशित किया गया तथा 02 प्रकरणों में जांच के आदेश दिए गए क्षेत्र से सम्बन्धित BPO (बीट पुलिस आफिसर) के साथ मीटिंग की गयी एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया । विभिन्न थानो पर चौकीदारो व पुलिस कर्मियों से सीधा संवाद किया गया, तथा प्रभारी निरीक्षक को थाने की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा पत्रकार बन्धुओं तथा संभ्रांत व्यक्तियों से मुलाकात किया गया तथा थाना क्षेत्र से सम्बन्धित जानकारी ली गई । लोगो से भयमुक्त होकर अपनी समस्या के सम्बन्ध में अवगत कराने हेतु बताया गया । दौरान चौपाल थाने के महिला हेल्प डेस्क व “महिला सुरक्षा दल” के महिला टीम से वार्ता कर क्षेत्र के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त कर उन्हे आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। इसी क्रम में आईजीआरएस प्रार्थना पत्रो के आवेदक तथा मुकदमें से संबन्धित वादी से वार्ता कर उनके द्वारा दिए गए प्रा0पत्रों के त्वरित निष्तारण हेतु सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ।

इसी क्रम में अब तक पुलिस चौपाल में जनपद के समस्त थानो पर कुल 131 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए । जिनमें से कुल 41 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए, 03 प्रकरणों में मुकदमा पंजीकृत करने के आदेश दिये गये साथ ही साथ 38 प्रकरण में निरोधात्मक कार्यवाही तथा 49 प्रकरणों में जांच हेतु सम्बन्धित को आदेश-निर्देश दिया गया ।

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