आजमगढ़ में ग्रामीण स्तर पर बनाए जाएंगे कोविड केयर सेंटर: डॉ. एके मिश्रा,सीएमओ

ब्यूरो रिपोर्ट – मनोज सिंह, आजमगढ़

आजमगढ़: ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अब शासन के निर्देश पर गांवों में कोविड़ केयर सेंटर, हेल्थ सेंटर और हॉस्पिटल बनाए जाएंगे। इसमें कोविड-19 से संक्रमित मरीजों का इलाज किया जाएगा।

कोरोना का संक्रमण शहरी क्षेत्र में हीं देंखने को मिल रहे थे, लेकिन अब कोरोना का संक्रमण धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में भी भी देखने को मिल रहें है। शहरी, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ रहीं है। इन क्षेत्रों में कोविड़ आधारित सेवाएं और प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो। इसीलिए अब ग्रामीण स्तर पर कोविड केयर सेंटर, हैल्थ सेंटर और हॉस्पिटल बनाने की योजना बनाई जा रही है।

सीएमओ डा. एके मिश्रा ने बताया कि अब ग्रामीण स्तर पर कोविड केयर सेंटर, हेल्थ सेंटर और हास्पिटल बनाने की योजना बनाई जा रही है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वाईके राय ने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण स्तर पर फ्रंटलाइन वर्कर सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार आदि लक्षण वाले लोगों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। जहां उन्हें मेडिकल किट उपलब्ध कराई जा रही है। किट के साथ दिए जा रहे पर्चे में दवाइयों के सेवन का तरीका व दिन लिखा हुआ है, ताकि लोगों को दवा के सेवन में कोई दिक्कत न हो। लक्षणयुक्त व्यक्ति को कोविड की जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच भी करायी जा रही है। वहीं ग्रामीण स्तर पर बनाए जाने वाले इन केंद्रों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा निर्देशों के अनुसार कोविड केयर सेंटर 30 बेड का होगा, जहां पर बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले कोविड मरीजों को उपचाराधीन रखा जाएगा। यह एक तरह का आइसोलेशन वार्ड होगा, जिन गांव के घरों में आइसोलाशन की व्यवस्था नहीं होगी, उन मरीजों को यहां रखा जाएगा। यहां उपचाराधीन लोगों की सांस संबंधी समस्या और ऑक्सीजन स्तर की निरंतर मानीटरिंग की जाएगी। यह केंद्र स्कूल, कम्यूनिटी हाल, विवाह गृह, पंचायत भवन आदि जगह पर बनाया जाएगा, जहां हवा के आवागमन, स्वच्छता और स्वच्छ शौचालय आदि की व्यवस्था हो। इन कोविड केयर सेंटरों पर 24 घंटे पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्धता के साथ एक बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी होनी चाहिए। जिससे कि आवश्यकता पड़ने पर गंभीर मरीजों को उचित उपचार के लिए किसी दूसरे उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रिफ़र के लिए प्रयोग में लाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published.