स्वास्थ विभाग में करोड़ों खर्च फिर भी बदहाल सरकारी अस्पताल और संसाधन।

रसूलाबाद सीएचसी का शाट्स, अस्पताल में कबाड़ खड़ी एम्बुलेंस 102,108, अस्पताल के बाहर भरा पानी।

रजनेश कुमार / कानपुर देहात

उत्तर प्रदेश में हर साल योगी सरकार स्वास्थ व्यवथा पर करोड़ों रूपयो का बजट खर्च करती है । करोड़ों रूपयो के खर्च होने बाद आज भी यूपी के कानपुर देहात जिले में सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं भगवान भरोसे ही चल रही है वो चाहे मारिजो के लिए चलाई जा रही एंबुलेंस सेवा हो या उन सरकारी अस्पतालों में दी जा रही सुविधाएं सभी बदहाल स्तिथि में ही दिखाई दे रही है ।

कानपुर देहात जिले में ज़िला अस्पताल मिलाकर छोटे बड़े 41 सरकारी अस्पताल है जिनमे 12 सामुदायिक स्वास्थ केंद्र और 28 प्राथमिक स्वास्थ केंद्र है इन सरकारी सभी अस्पतालो में मरीजों को लाने और ले जाने के लिए एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध है जिले में कुल 55 एंबुलेंस है । 24 एंबुलेंस 108 , 28 एंबुलेंस 102 और 3 एक्यूप लाइट सपोर्ट एंबुलेंशे है । इनका काम मरीजों को अस्पताल लाने और अस्पताल से मरीजों को सही होने पर उन्हें घर छोड़ने का काम करती है जिले के एंबुलेंश प्रभारी आधिकारी मोहित झा ने बात करने पर बताया की जिले में लगी हुई सभी 55 एंबुलेश सही और चालू हालत में है । वही अस्पताल में मरीजों को दी जा रही संसाधन व्यवस्थाओ की बात की जाए तो CHC रसूलाबाद में अस्पताल के बाहर तालाब बना हुआ है यहां अस्पताल में आने जानें वालों को भरे हुए गंदे पानी को बचाकर निकला पड़ता है । इतना ही नही अस्पताल के अंदर लगी लिफ्ट भी कई सालो से ही शो पीस बनी हुई है लिफ्ट खराब होने के चलते महिला प्रसूता सीढ़ियों से चढ़कर इलाज के लिए पहुंची है। रसूलाबाद में 108 और 102 दोनो एंबुलेंस कबाड़ा स्तिथि में खड़ी हुई है रसूलबाद इसी बदहाल स्वास्थ व्यव्स्थाओ का हाल भी सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेष यादव ने अपने ट्विटर हेंडिल से यहां की तस्वीरों को ट्विट किया है ।

अस्पताल में अपनी मरीजों के इलाज के लिए आई सूरजमुखी बताती है की लिफ्ट खराब पड़ी है उन्हे अपने मरीज़ को ऊपर ले जाने में काफ़ी दिक्कतें होती है तारा देवी भी यही कहती है की जीने से चढ़कर ही जाना पड़ता है लिफ्ट खराब होने की वजह से जीना चढ़कर ही जाना पड़ता है। सीएचसी अधिक्षक डॉ अमित सक्सेना ने बताया की लिफ्ट खराब हो गई जिसके लिए जिले में अधिकारियो को लिखा गया है अस्पताल के बाहर पानी इस लिए भर जाता है की रोड़ के नाले ऊपर है और अस्पताल ढलान पर है कई बार रसूलाबाद नगर पंचायत को लिखा गया है साथ ही एंबुलेंस के लिए उनका कहना है अस्पताल में 5 एंबुलेंस है दो 102, दो 108 और एक ELS एंबुलेंस है खराब एंबुलेंश के लिए भी जिले के अधिकारियो को लिखित कहा गया है ।

 

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