रहमान इंडस्ट्रीज पर आयकर विभाग का छापा, 60 करोड़ की अघोषित कमाई पकड़ी

      रहमान इंडस्ट्रीज समूह में आयकर विभाग ने 60 करोड़ की अघोषित कमाई पकड़ी है। समूह के प्रतिष्ठानों से 60 लाख की नकदी और 60 लाख के जेवरात भी मिले हैं। दस्तावेज न दिखा पाने पर इन्हें सीज कर दिया गया है। कंपनी के मुनाफे और खर्चों में बड़ा अंतर मिला है। विभाग ने बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए हैं। कंपनी के संचालक अघोषित कमाई पर टैक्स चुकाने को तैयार हैं।

शहर के बड़े चमड़ा निर्यातकों में शामिल रहमान इंडस्ट्रीज समूह पर बुधवार को आयकर की टीमों ने छापा मारा था। समूह के संचालक नदीम रहमान, कामरान रहमान के जाजमऊ स्थित बंगले, फूलबाग स्थित बंगले व कार्यालय के अलावा उन्नाव के औद्योगिक क्षेत्र बंथर, अकरमपुर व सिंगरौसी स्थित टेनरी व कार्यालय और नोएडा स्थित 12 प्रतिष्ठानों में कार्रवाई शुरू की थी। इसके अलावा समूह को केमिकल सप्लाई करने वाले डायमंड केमिकल के नफीस अहमद के प्रतिष्ठान पर भी छापा मारा गया था।

सूत्र बताते हैं कि समूह की खाता बुक में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं मिली हैं। कंपनी संचालकों ने यूरोप और अफ्रीका के देशों में भी सौ करोड़ से ज्यादा का निवेश कर रखा है। इन देशों में आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियां हैं। समूह अपने अधिकतर उत्पाद निर्यात करता है। कार्रवाई भले ही खत्म कर दी गई, लेकिन दस्तावेजों को जब्त करके जांच जारी है। जिन देशों में निर्यात किया गया है, वहां के रेट क्या थे आदि बिंदुओं पर जांच की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि नफीस अहमद के ठिकानों से भी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। केमिकल सप्लाई के रेट और आर्डरों की जांच की जा रही है।
जून में चर्म निर्यात परिषद की ओर से दो साल के एक्सपोर्ट एक्सीलेंस अवार्ड घोषित किए गए थे। इसमें रहमान इंडस्ट्रीज का दबदबा देखने को मिला था। कई श्रेणी में अवार्ड मिले थे। 2019-20 और 2020-21 के ओवरऑल निर्यात श्रेणी में रहमान इंडस्ट्रीज को दूसरा स्थान मिला था। 100 करोड़ से अधिक और 200 करोड़ तक के लेदर फुटवियर श्रेणी में 2019-20 के लिए ग्रुप को पहला अवार्ड मिला था। 2020-21 के लिए इसी श्रेणी में ग्रुप को पहला पुरस्कार मिला था। 50 करोड़ से अधिक और 100 करोड़ रुपये तक के फिनिस्ड लेदर श्रेणी में 2019-20 के लिए दूसरा स्थान मिला था।

 

 

 

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