मदनपुर काण्ड..
- 4 जनवरी 2017 को अराजक तत्वों ने फूंक दिया था मदनपुर थाना
- थाने से लूटे गए असलहों का भी नहीं हो सकी बरामदगी
- आज तक हमलावरों को नहीं ढूंढ़ पाई मदनपुर (देवरिया) पुलिस
संवाददाता- नरसिंह यादव, दक्षिणी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
4जनवरी 2017 को देवरिया पुलिस के लिए काला दिन माना गया है, केवतलिया स्थित राप्ती नदी में मिले रहमतुल्लाह के शव को देख उपद्रवियों ने मदनपुर थाने को आग के हवाले कर दिया गया। उपद्रवियों की भीड़ ने मदनपुर थाने में प्रवेश कर हमला बोल दिया तथा लूट पाट भी किया गया। तत्कालीन सी ओ शीतांशु यादव के वाहन को आग के हवाले करने का प्रयास किया गया, तथा थाने में मौजूद सरकारी असलहे भी लूट लिया गया।
उस समय की थानाध्यक्ष शोभा सिंह सोलंकी ने 43 नामजद और एक हजार अज्ञात लोगों के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कर तत्काल प्रभाव से पुलिस हरकत में आई। जिसकी विवेचना सी ओ द्वारा किया गया,103 उपद्रवियों को चिन्हित कर जेल भी भेजा गया। तथा अन्य मुकदमों में 101 लोगों की पहचान के साथ ही जांच अभी भी हो रही है। जबकि अन्य उपद्रवियों की पहचान कर गिरफ्तारी कब तक होगी। इस प्रकरण को लेकर देवरिया पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई टिप्पणी नहीं दिया जा रहा है।
घटना के कुछ दिनों बाद ही विधनसभा चुनाव भी हुआ तथा बी जे पी सरकार भी आई, बहुत से लोगों ने शक्त कारवाई की आशंका भी जताई लेकिन मामला आजतक उसी तरह लटका हुआ है। पांच उपद्रवियों के विरूद्ध एन एस ए की कार्रवाई भी हुई लेकिन विवेचना अभी तक प्रचलित है। घटना में शामिल कई आरोपीयों को क्लीन चिट भी मिल चुका है लेकिन उक्त घटना का विडियो भी पुलिस के पास है लेकिन ऊंची पहुंच के कारण आरोपीयों को क्लीन चिट दे दिया गया। लेकिन गायब हुए असलहों में अधिकांश को जलाकर नष्ट हो जाना बताकर पुलिस अपने आप को जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए गोल मोल जवाब देना उचित समझा। जिसमें आजतक पांच असलहों की बरामदगी पुलिस नहीं कर सकी है|