मुंबई, आज महाराष्ट्र दिव्यांग वित्त और विकास मंडल के संचालक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जिले के दिव्यांगों के लिए पुनर्वास केंद्रों को स्थापित करने के काम में गति देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव सुमंत भांगे, दिव्यांग कल्याण विभाग के आयुक्त प्रवीण पुरी, और मंडल के प्रबंधन संचालक अभय करगुटकर भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि “नमो दिव्यांग ११ कलमी कार्यक्रम” के तहत “नमो दिव्यांग शक्ति अभियान” के अंतर्गत राज्य में ७३ दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसमें दिव्यांगों को कुशल बनाने के लिए विभिन्न साधनों की उपलब्धता होगी और चिकित्सा और उपचार की भी व्यावस्था होगी।
बैठक में दिव्यांग व्यक्तियों को स्वावलंबी बनाने के लिए ७९८ हरित ऊर्जा पर चलने वाली वाहनों पर “ई-शॉप्स” की अनुमति देने का निर्णय लिया गया। साथ ही पुणे में सायन्स और टेक्नोलॉजी पार्क के साथ करार करने का भी फैसला किया गया है, जिससे दिव्यांगों को रोजगार और स्वरोजगार के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण मिलेगा।
दिव्यांगों के जिले-स्तरीय १०० प्रतिशत सर्वेक्षण के साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा, ताकि सभी जानकारी एक स्थान पर इकट्ठा की जा सके। इसके साथ ही, दिव्यांग वित्त और विकास मंडल के आधिकारिक भागभंडार ने ५० से ५०० करोड़ रुपये की घोषणा की है। इसके लिए मंडल के केंद्रीय कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रिमंडळ की वेबसाइट पर पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।