जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से बेलगाम हुई नौकरशाही

  • सरकारी फोन भी नहीं उठाते हैं नौकरशाह दोपहर 1 बजे के बाद ही नौकरशाहों को आने लगती है नींद
  • अधिकारियो के सरकारी फोन उठाते है पी आर ओ,अर्दली व वाहन चालक

ब्यूरो रिपोर्टप्रेम कुमार शुक्ल, अमेठी 

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही तरह-तरह से कदम उठा रही हो जनता की समस्याओं के समाधान का दावा कर रही हो पर उसकी एक छोटी सी चूक आज सब पर भारी पड़ गई है

योगी सरकार में हालात यह है की अधिकारी और कर्मचारी विधायक और मंत्रियों की भी सुनने को तैयार नही है उसका कारण है सरकार द्वारा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा जिसके चलते नौकरशाह पूरी तरीके से बेलगाम हो गए हैं एक पटवारी से लेकर उच्च कुर्सी तक आम जनता की तो छोड़ो विधायकों की भी सुनने को कोई तैयार नहीं जो उनके दिल में आता है वही करते हैं

सरकार ने अधिकारियों को सरकारी फोन दिया है ताकि जनता को उन तक अपनी बात पहुंचाने में किसी तरह की परेशानी ना हो लेकिन परिणाम यह हैं कि नौकरशाह सरकारी फोन अपने हाथ में लेने में शर्म महसूस करते हैं फोन करने पर अधिकारियों का फोन या तो उनका अर्दली उठाता है या ड्राइवर उठाते हैं या पीआरओ उठाते हैं वह चाहेंगे तो साहब से बात होगी वरना बता देंगे साहब व्यस्त हैं साहब आराम कर रहे हैं साहब बैठक में हैं और मजेदार बात तो यह है योगी सरकार के अफसरों को रात में तो नींद आती ही है दोपहर 1:00 बजे के बाद भी आराम करने चले जाते हैं और उनके आराम में कोई खलल नहीं डाल सकता है जनता मर रही है तो मरे उसकी कोई नहीं सुन रहा है तो ना सुने लेकिन साहब का आराम कोई भंग नहीं कर सकता यह सब क्या है इसलिए हो रहा है क्योकि जनप्रतिनिधियो की सरकार नहीं सुन रही है

योगी सरकार में यह किसी से छिपा नही है कि एक विधायक एक दरोगा का तबादला भी नही करा सकता है डीएम और कप्तान तो बहुत बड़ी बात है यही कारण है जनता को न्याय के लिए दर दर के लिए ठोकरे खानी पड रही है।

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