बलात्कार मामले में आरोपित को 10 साल कैद की सजा

ब्यूरो रिपोर्ट- सुनील विष्णु चिलप, महाराष्ट्र

मुंबई: नाबालिग के साथ बलात्कार करने के मामले में आरोपित को बुधवार को सजा सुनाई गई। एडीजे-6 सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो विवेक कुमार की अदालत ने अभियुक्त मो. सलाहुद्दीन अब्दुल रहमान को धारा 366 ए में सात साल कैद की सजा सुनाई और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 376 भादवि और पॉक्सो एक्ट में 10 साल कैद की सजा सुनाते हुए 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जानकारी के अनुसार पौथू थाना के बराही गांव निवासी सलाहुद्दीन पर एक नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार का आरोप लगा था। 3 अगस्त 2019 की सुबह नाबालिग बच्ची उसके सिलाई सेंटर पर सिलाई सीखने गई थी। जब वह घर पर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी खोजबीन की। पता चला कि मो. सलाहुद्दीन भी घर पर नहीं है तब उसके मोबाइल पर संपर्क किया गया। उसने स्वीकार किया कि वह पीड़िता के साथ कोलकाता में है। उसने फोन पर अभद्र तरीके से बात भी की। इसके बाद परिजनों ने थाने में इसकी सूचना दी थी। कुछ दिनों पूर्व अदालत में उसे दोषी करार दिया जाना था लेकिन वह अदालत में हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय ने उसे दोषी करार देते हुए उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। न्यायालय द्वारा दोषी करार देने और गैर जमानती वारंट जारी करने के बाद पुलिस ने उसके घर पर इश्तेहार चिपकाया। इससे घबराकर वह कोलकाता से वापस आया और अधिवक्ता के माध्यम से बुधवार को न्यायालय में हाजिर हुआ। स्पेशल पीपी, पॉक्सो शिवलाल मेहता ने बताया कि सलाहुद्दीन को लगा कि उसे सजा हो जाएगी जिसके कारण कोर्ट आने के बावजूद वह हाजिर नहीं हुआ। इसे गंभीर मामला मानते हुए अदालत ने उसकी अनुपस्थिति में ही उसे दोषी करार दिया था। अब उसे सजा सुनाते हुए उसे जेल भेज दिया गया है। पूर्व में वह जमानत पर था और न्यायालय में हाजिर नहीं होने वाले दिन ही उसका बंधपत्र विखंडित कर दिया गया था।

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