कहीं महीनों से मोटर ख़राब तो कहीं टूटे कुलाबे, आखिर किसान कैसे करें सिंचाई

  • 18 अगस्त को जिलाधिकारी के ट्वीटर पर लिया गया संज्ञान, अभी तक नहीं चला नलकूप
  • नलकूप विभाग के लापरवाही से परेशान है अन्नदाता, निजी नलकूपों के सहारे सिंचाई को मजबूर, बढ़ रही लागत घट रहा मुनाफा
  • किसानों को कलेक्टर से कार्रवाई की है आस

ब्यूरो रिपोर्ट – प्रेम कुमार शुक्ल, अमेठी

भेटुवा (अमेठी)। ख़बर जनपद के अमेठी तहसील के भेटुवा ब्लाक के मंडेरिका गाँव व बंदोईया गाँव से है। जहाँ मंडेरिका में राजकीय नलकूप 141एजी के चार कुलाबे टूटे हुए हैं। जिससे किसान धान की सिंचाई ठीक से नहीं कर पा रही है। गाँव के किसान संजय सिंह, राम सिंह, मंशाराम, अच्छे लाल, उम्मर शर्मा व लालसिह आदि ने बताया कि धान की सिंचाई ठीक से नहीं हो पा रही है कुछ खेतों तक पानी ही नहीं पहुँच पा रहा है। वहीं इसी ब्लाक के बंदोईया गाँव स्थित 24एजी राजकीय नलकूप जुलाई से अब तक नहीं चल पाया,पहले पंखा की कमी से पानी कम फिर तुरन्त ही मोटर जल गया, 20 बीघा धान की फसल प्रभावित है। जेई से लेकर अधिशासी अभियंता तक सभी के संज्ञान में है किंतु किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। नलकूप विभाग के लापरवाही से एक ओर अन्नदाता
परेशान है वहीं दूसरी ओर निजी नलकूपों के सहारे सिंचाई कराने को किसान मजबूर भी है जिससे उसकी उत्पादन लागत बढ़ रही है और परिणाम स्वरूप मुनाफा घट जाएगा। सबसे अधिक समस्या सीमांत किसानों को है क्योंकि उनके जोत का आकार कम है जिससे वो सघन खेती का लाभ प्राप्त नहीं कर पाते।
योगी सरकार जहाँ किसानों की आय को बढ़ाना चाहती है वहीं अमेठी जनपद का लापरवाह नलकूप विभाग किसानों की आय को कम करने का कारक बना हुआ है।
किसानों का कहना है कि अब कलेक्टर साहब ही कुछ कार्रवाई करेंगे तभी नलकूप चल पाएगा और कुलाबा ठीक हो पाएगा। खैर, 18 अगस्त को जिलाधिकारी के ऑफिसियल ट्वीटर हैंडल द्वारा समस्या का संज्ञान लिया जा चुका है। अब देखना यह है कि किसानों के धान की फसल की प्यास सरकारी नलकूप से कब बुझेगी!

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