कुमार विश्वास समेत दो के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट से बी-डब्ल्यू,बढ़ी मुश्किलें

ब्यूरो रिपोर्ट – प्रेम कुमार शुक्ल, अमेठी

 

  • गैर हाजिर रहने की वजह ना बताने के कारण स्पेशल जज पीके जयंत ने अपनाया कड़ा रुख
  • अदालत ने पिछली पेशी पर सुप्रीम कोर्ट में लम्बित याचिका में अभियोजन की लचर पैरवी को लेकर डीएम को जारी किया था पत्र,सात को है सुप्रीम कोर्ट में पेशी
  • सुप्रीम कोर्ट से सीएम केजरीवाल व कुमार विश्वास को वर्ष 2015 से अग्रिम आदेश तक हाजिरी से मिली थी छूट,अब तक उसी स्तर पर लटका है मामला

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सुलतानपुर। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन समेत अन्य आरोपों से जुड़े मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने गैरहाजिर रहे आप नेता कुमार विश्वास समय दो आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। एमपी-एमएलए कोर्ट के स्पेशल जज पीके जयंत ने कुमार विश्वास व सहआरोपी अजय सिंह के खिलाफ बी-डब्ल्यू वारंट समेत अन्य कार्यवाही जारी करने के लिए आदेश जारी किया है।
मालूम हो कि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान गौरीगंज एवं मुसाफिरखाना थाने में तत्कालीन आम आदमी पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी कुमार विश्वास के प्रचार में आये होने के दौरान दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। गौरीगंज से जुड़े मामले में पुलिस ने अरविंद केजरीवाल, कुमार विश्वास, हरीकृष्ण,राकेश तिवारी अजय सिंह, बब्लू तिवारी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले का विचारण एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में चल रहा है। मामले में अरविंद केजरीवाल और कुमार विश्वास की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर सुनवाई के पश्चात सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें अग्रिम आदेश तक हाजिरी से छूट प्रदान की थी, सर्वोच्च न्यायालय में यह याचिका करीब छह वर्षों से विचारधीन है, जिसमें अभियोजन की तरफ से पैरवी में कोई रुचि ही नहीं ली जा रही है,जिसका नतीजा है कि मुकदमे की कार्यवाही काफी समय से लम्बित है। पिछली पेशी पर अभियोजन की इसी कार्यशैली की वजह से लम्बित सुनवाई के मद्देनजर अदालत ने विशेष लोक अभियोजक वैभव पांडेय के माध्यम से जिलाधिकारी को पत्र जारी भेजकर शासन स्तर पर इस मुकदमे की सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने के लिए भी कहा था, जिससे कि काफी दिनों से लम्बित मामले में कार्यवाही आगे बढ़ सके। फिलहाल इस जारी पत्र के बारे में अभियोजन की कोई कार्यवाही अभी सामने नहीं आ सकी है। मिली जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई के लिए सात सितम्बर की तारीख तय की गई है। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल,सह आरोपी राकेश तिवारी, हरिकृष्ण एवं बब्लू त्रिपाठी की तरफ से उनके अधिवक्ताओं ने हाजिरीमाफी अर्जी प्रस्तुत की, जबकि कुमार विश्वास व सह आरोपी अजय सिंह की तरफ से कोई प्रार्थना पत्र प्रस्तुत ही नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में अदालत ने दोनों आरोपियों के जरिए अनुपस्थित रहने के बारे में कोई पर्याप्त कारण ना बता पाने की वजह से कड़ा रुख अपनाते हुए उनके विरुद्ध जमानतीय वारंट एवं अन्य कार्यवाही जारी करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई के लिए 10 सितम्बर की तारीख तय की गई है। अदालत के इस आदेश से कुमार विश्वास एवं सह आरोपी की मुश्किलें बढ़ गई है।

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