इंटरनेशनल शूटर वर्तिका सिंह के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट से बी-डब्ल्यू,जल्द बढ़ सकती है मुश्किलें

अमेठी

ब्यूरो रिपोर्ट – प्रेम कुमार शुक्ल, अमेठी

प्रधानमंत्री व आयुष राज्य मंत्री संदर्भित फर्जी लेटर वायरल करने से जुड़े मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद सम्मन पर न हाजिर होने के चलते कोर्ट ने अपनाया कड़ा रुख,इसी केस में कल अयोध्या जिले के डॉ रजनीश सिंह को भेजा गया था जेल

हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे होने के चलते वर्तिका की बगैर गिरफ्तारी के ही पुलिस को दाखिल करनी पड़ी चार्जशीट,आरोपी कमल किशोर व प्रकाश में आए रजनीश के खिलाफ विवेचना प्रचलित

सुलतानपुर/अमेठी। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता के जरिए दर्ज कराए गए आयुष मंत्रालय एवं पीएम से संबंधित फर्जी लेटर वायरल करने व छवि धूमिल करने से जुड़े मामले में कल प्रकाश में आये आरोपी डॉ रजनीश सिंह जेल भेजे गये और आज इसी केस में एमपी-एमएलए कोर्ट के जज पीके जयंत ने चार्जशीटेड वर्तिका सिंह के हाजिर न होने पर उनके खिलाफ बी-डब्ल्यू जारी करने का आदेश दे दिया। ऐसे में चार्जशीट दाखिल न होने तक हाईकोर्ट के स्टे आदेश की वजह से गिरफ्तारी से बची रही इंटरनेशनल शूटर की समस्याएं अब बढ़ती नजर आ रही है। अदालत की इन कार्यवाहियों से मामले में दिनोंदिन नया मोड़ आता जा रहा है।
मालूम हो कि मुसाफिरखाना थाने में बीते 23 नवंबर को स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता ने इंटरनेशनल शूटर वर्तिका सिंह एवं पूर्व सांसद कमल किशोर कमांडो के खिलाफ नामजद आयुष राज्य मंत्री भारत सरकार व पीएम को संदर्भित फर्जी लेटर वायरल कर छवि धूमिल करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में वर्तिका सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। मामले में पुलिस ने अपनी तफ्तीश के दौरान अयोध्या जिले के रहने वाले डॉ रजनीश सिंह का नाम प्रकाश में लाया और उनके खिलाफ साक्ष्य मिलने पर कोर्ट से गैर जमानतीय वारंट एवं कुर्की की कार्रवाई के लिए आदेश भी प्राप्त कर लिया था। जिसकी जानकारी मिलने के बाद हरकत में आए डॉ रजनीश सिंह शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर किये, जिनकी रिमांड स्वीकृत कर अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। वहीं वर्तिका की अर्जी में स्मृति ईरानी व उनके निजी सचिव विजय गुप्ता के साथ ही आरोपी बनाये गये रजनीश सिंह को ही विजय गुप्ता की एफआईआर में जेल जाने से तरह-तरह के चर्चाएं उठनी शुरू हो गई। इस मामले में आज एमपी-एमएलए कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल होने के बाद सम्मन जारी होने पर भी कोर्ट में हाजिर न होने वाली वर्तिका सिंह के खिलाफ 20 हजार का जमानतीय वारंट जारी करने का आदेश दे दिया है,जिससे स्मृति ईरानी व उनके निजी सचिव के खिलाफ केस दायर करने वाली वर्तिका सिंह की समस्याएं जल्द ही बढ़ती नजर आ रही है। मालूम हो कि वर्तिका सिंह ने भी केंद्रीय महिला आयोग का सदस्य बनाने के नाम पर स्मृति ईरानी, उनके निजी सचिव विजय गुप्ता व इनके करीबी कहे जाने वाले अयोध्या जिले के डॉक्टर रजनीश सिंह के खिलाफ 25 लाख की डिमांड करने व धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में एमपी-एमएलए कोर्ट की शरण ली थी, जहां पर अदालत ने बीते फरवरी माह में उनकी अर्जी को खारिज कर दिया था, हालांकि उन्होंने अब एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट की शरण ली है,जहां पर उनकी याचिका अभी विचाराधीन है। वहीं वर्तिका के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप से जुड़े मामले में भी स्मृति ईरानी के खिलाफ मानहानि का दूसरा मुकदमा एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है। जिसमे कोर्ट ने सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख तय की है। वहीं विजय गुप्ता के जरिये दर्ज कराए गए केस में डॉ रजनीश सिंह के जेल जाने के बाद कल वर्तिका सिंह ने कहा था कि विजय गुप्ता के ही लोगों ने फर्जी लेटर भी जारी किया था,जिसके बारे में वर्तिका ने प्रधानमंत्री व निजी सचिव विजय गुप्ता के स्तर पर सारी सूचनाएं अपने खिलाफ केस दर्ज होने के पहले ही उनको दे दी थी, उनका कहना रहा कि जब उन्होंने स्मृति ईरानी व उनके करीबियों के खिलाफ धोखाधड़ी व लम्बी डिमांड के संबंध में आवाज उठाई और रिकार्डिंग आदि पेश किया तो उन्हें मुकदमे में नामजद कर दिया गया। इस तरीके से वह अपने को प्रकरण में निर्दोष बताती रही। फिलहाल इस खेल में कौन सही और कौन गलत है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। हालांकि इस मामले में रजनीश सिंह के जेल जाने एवं वर्तिका के खिलाफ आज कोर्ट से बी-डब्ल्यू का आदेश जारी होने से फिर एक नया मोड़ आ गया है।

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