गांव में राशन की दुकानों का चयन ग्राम सभा की खुली बैठक में प्रस्ताव पारित करके किया जाए- कमिश्नर

ब्यूरो प्रमुख – एन. अंसारी

गोरखपुर। ग्राम पंचायत सत्ता परिवर्तन होने के बाद सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान गांव के मुखिया ग्राम प्रधान अपने अपने चहेतों को दुकान देने के लिए उतावले है किसी भी तरीके से आरोप-प्रत्यारोप लगाकर सस्ते गल्ले की दुकान चला रहे व्यक्ति से राशन की दुकान जप्त करा कर अपने चहेतों को दिला सकें ऐसी शिकायतें कमिश्नर के पास आए दिन पहुंचती रही कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने गंभीरता से लेते हुए ग्राम प्रधानों व डीएसओ के साथ मंडल आयुक्त सभागार में बैठक आहूत कर ग्राम प्रधानों व जिलापूर्ति अधिकारी के समक्ष स्पष्ट निर्देश दे दिया कि किसी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को मनमानी तरीके से आरोप-प्रत्यारोप लगाकर अपने चहेतों को आवंटित नहीं किया जा सकता किसी सस्ते गल्ले की दुकान को हटाने से पहले जिला पूर्ति अधिकारी के यहां प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराना होगा तत्पश्चात जिला पूर्ति अधिकारी के निगरानी में ग्राम सभा के अंदर सार्वजनिक बैठक कर पक्ष व विपक्ष तथा ग्रामीणों के सम्मुख निर्णय लिया जाएगा कि वर्तमान में सार्वजनिक सस्ते गल्ले की दुकान चला रहे व्यक्ति से ग्रामीण नाराज क्यो हैं या ग्राम प्रधान अपने चहेतों को राशन की दुकान आवंटित करना चाहते हैं सभी निर्णय सार्वजनिक बैठक में लिए जाएंगे अगले व्यक्ति को आवंटित करने से पहले ग्राम सभा में समूह चलाने वाले महिला को सार्वजनिक सस्ते गल्ले की दुकान आवंटित करने के लिए वरीयता दी जाएगी उसके बाद ही अन्य किसी नामों पर विचार किया जाएगा। ग्राम सभाओं की सत्ता परिवर्तन के बाद आमतौर पर ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि सार्वजनिक सस्ते गल्ले की दुकान चलाने वाले अमुक व्यक्ति द्वारा धटतौली किया जा रहा है या राशन नहीं दिया जा रहा है यह आम बात हो गई है किसी भी नए कोटेदार को नियुक्त करने से पहले ग्राम सभा मे जिला पूर्ति अधिकारी की देखरेख में सार्वजनिक बैठक संपन्न कराने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा अन्यथा नहीं।इस लिए गांव में राशन की दुकानों का चयन ग्राम सभा की खुली बैठक में प्रस्ताव पारित करके किया जाएगा। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह इंस्पेक्टर जिला पूर्ति अरुण कुमार सिंह ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान व प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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