बंगाल में सियासी दलों का हथियार बना है सोशल मीडिया

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बाकी रण के लिए राजनीतिक दलों के पास अब सोशल मीडिया ही जनता तक पहुंचने का सबसे बड़ा सबसे बड़ा सहारा बचा है। इसके जरिए ही सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। वैसे भी इस बार चुनाव प्रचार अभियान में सोशल मीडिया पर सभी दलों ने जमकर पैसा खर्च किया है यह सोशल मीडिया की पहुंच और व्यापकता को दर्शाता है। गौरतलब है कि कोरोना का असर सातवें दौर के मतदान पर भी पड़ा और वह पिछले छह चरण की तुलना में कम रहा।

अब आखिरी दौर में सबसे बड़ा मुद्दा कोरोना है जिस पर जमकर राजनीति हो रही है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने अपने लाभ के लिए जानबूझकर चुनाव को इतना लंबा खींचा और जब संक्रमण बढ़ा तब भी उसने मतदान के दौर कम नहीं करने दिए। दूसरी तरफ भाजपा कोरोना संक्रमण के लिए राज्य सरकार की व्यवस्थाओं की नाकामी करार दे रही है। इस बीच दोनों ही दल चुनाव के बाद मुफ्त टीकाकरण जैसे वादे भी कर रहे हैं।

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