ऐतिहासिक धरोहर है मालटारी से 1 मिल दूर मझौवां प्राचीन मंदिर ,कुवां व निल गोदाम ।

150 वर्ष पुराना है श्री ठाकुर जी रामजानकी पंचदेव का प्राचीन मंदिर
जमींदार बद्दल साव द्वारा बनवाया गया था यह प्रचीन मंदिर
मालटारी से 1 मिल दूर मझौवां में प्राचीन मंदिर, कुवां व निल गोदाम

ऐतिहासिक धरोहर है मालटारी से 1 मिल दूर मझौवां प्राचीन मंदिर ,कुवां व निल गोदाम ।

आज़मगढ़। सगड़ी तहसील अंतर्गत मझौवां ग्राम पंचायत भदांव में आजादी से पहले मुगलों की समय अंग्रेजी हुकूमत तक जमींदारी प्रथा चली, बाद में चौधरी चरण सिंह के प्रयास से 1 जुलाई 1952 में यूपी में जमींदारी प्रथा खत्म हुई। इसके बाद उन्होंने किसानों के हित के लिए वर्ष 1954 में उत्तर प्रदेश भूमि संरक्षण कानून को पारित करवाया और जमींदारों को पेंसन के रूप में कुछ रकम दिया जाने लगा, साल 1906 में रजिस्टर्ड किया गया। श्री ठाकुर जी के नाम से पंचदेव मंदिर जमींदार बद्दल साव द्वारा बनवाया गया, जो पंचदेव प्राचीन मंदिर अत्यंत भव्य व पुराना है जहां निलगोदाम, कुवां, तालाब,पक्का फोखरा, जो चुने मिट्टी आदि से निर्मित हैं…कच्चा पोखरा, फलदार वृक्षों का बाग जो आज भी जीर्ण सिर्ण अवस्था में एक धरोहर के रूप विद्यमान है।
ऐतिहासिक धरोहर मालटारी से 1 मिल दूर मझौवां में प्राचीन 150 वर्ष पुराना श्री ठाकुर जी रामजानकी पंचदेव मंदिर, कुवां, निल गोदाम व तालाब जीर्ण सिर्ण अवस्था पड़े हैं…

आज़ उनके ट्रस्ट के लोगों ने मंदिर के जीर्णोद्धार लिए कार्य सुरु कर दिया है जिसमे अहम भूमिका सत्यप्रकाश गुप्ता, जयप्रकाश गुप्ता, सुबाष गुप्ता, रमेश गुप्ता, राजेश गुप्ता, रजनीश गुप्ता परिवार के ही लोग मिलकर निभा रहे है।

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