प्रदेश की मण्डी समितियों ने कोरोना काल में भी लाखों श्रमिकों को दिया रोजगार।

ब्यूरो रिपोर्ट- प्रेम कुमार शुक्ला, अमेठी

अमेठी| 
कोविड-19 के दूसरे चरण की वैश्विक महामारी के कारण संक्रमण को फैलने से बचाव को अपनाते हुए, प्रदेश सरकार द्वारा घोषित आंशिक कोरोना कफ्र्यू का दृढ़ता से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए, मण्डी परिषद की समस्त मण्डियों के माध्यम से मूल्य नियंत्रित कर प्रदेशवासियों को आवश्यक खाद्यान्न, फल, सब्जियां सुरक्षित व सुचारू रूप से उपलब्ध कराई गई। प्रदेश की मण्डी परिषद द्वारा प्रदेश की 220 मण्डी समितियों, 96 उप मण्डी समितियों, 132 रिन, 1643 एग्रीकल्चर मार्केट हब, हाट-पैठ में कृषि विपणन के कार्यों एवं गतिविधियों पर नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण किया जाता रहा, जिसका परिणाम रहा कि फल, सब्जियां, खाद्यान्न वाजिब मूल्य पर आम आदमी को मिलती रही, किसी प्रकार की समस्या नहीं आई। प्रदेश की मण्डी समितियों में सभी व्यापारिक गतिविधियों में न्यूनतम दूरी बनाये जाने, सेनेटाइजर का प्रयोग करने, साबुन से हाथ धोने, अनिवार्य रूप से मास्क लगाये रखने का अनुपालन किसानों, व्यापारियों, पल्लेदारों, श्रमिकों से कराया गया और जागरूकता लाते हुए सुरक्षित व्यापार/कार्य करने की सुविधा दी गई। प्रदेश की मण्डियों में लगातार सेनेटाइजेशन, साफ-सफाई की व्यवस्था की गई। मण्डियों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना प्रवेश द्वारा पर ही की गई है, जहां प्रत्येक आगन्तुक का थर्मल स्कैनिंग व पल्स आॅक्सीमीटर द्वारा चेकिंग करने के बाद सही पाये जाने पर ही प्रोटोकाल का पालन करते हुए प्रवेश दिया जाता रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर इस कोरोना काल में प्रदेश में खाद्य आपूर्ति की श्रृंखला नियंत्रित एवं नियमित बनी रही। मण्डी समितियों में सुलभ एवं निरन्तर कृषि व्यापारिक गतिविधियों के संचालन के फलस्वरूप मण्डी समितियों में फल, सब्जियां, अनाज आदि की लगातार आवक बनी रही, जिसके परिणामस्वरूप परोक्ष व अपरोक्ष रूप से लाखों पल्लेदारों, कामगारों, श्रमिकों को रोजगार मिलता रहा। मण्डी समितियों में कार्य करते हुए श्रमिकों को घर बैठना नहीं पड़ा, उन्हें लगातार रोजगार मिलते रहे, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी नहीं हुई। प्रदेश की मण्डियों में लगातार खाद्यान्न वस्तुओं के आवक से उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर खाद्यान्न वस्तुएं मिलती रहीं। किसी भी खाद्यान्न वस्तु का मूल्य बढ़ने नहीं दिया गया। रबी की फसल और फल व सब्जियां उगाने वाले किसानों को भी उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिलता रहा है। सरकार की कुशल नीति के कारण ही आमजन को हर खाद्यान्न वस्तु वाजिब मूल्य पर मिलती रही है और आम आदमी, किसान सभी खुश हैं।

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