यूरिया, पानी, मंहगाई से परेशान हैं किसान, मंच पर निहाल है कदरदान

  • खरीफ की फसल धान की रोपई से यूरिया खाद की मांग बढी
  • नहर का रोस्टर टूटा नहरों में नहीं आया पानी

ब्यूरो रिपोर्ट- प्रेम कुमार शुक्ल, अमेठी
अमेठी। खरीफ सीजन की फसल धान की फसल अब किसानों के हाथ से फिसल रही है। एक तो नहर में पानी नही आ रहा है। और उधर बिजली भी दगाबाजी कर रही है। बिजली की आपूर्ति टेपिंग कर रही है। गर्मी और उमस लोग बेहाल हो चलें है। डीजल मंहगा होने से खेतो की जुताई मंहगी हो चली है। और किसान मजदूरों को मजदूरी डेढ़ सौ रूपये देने खीस निकाल आ रही हैं।

मंहगाई और सरकारी की मनमानी दोनों ही अब परेशानी का सबब बनती जा रही है। किसानों को जहाँ धान की रोपाई खाए जा रही है। वहीं मंच पर कदरदान के चेहरे पर मुस्कान छाई है। कोई यूरिया, पानी और मंहगाई पर मुंह खोलने को राजी नहीं हैं।

कांग्रेस पार्टी ने जहां मंहगाई पर अमेठी जिले में दस बजे धरना प्रदर्शन कर बिरोध जाता रहीं। जिसमें बिधायक, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों के साथ ही साथ कांग्रेस छात्र संगठन, कांग्रेस सेवा दल, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, कांग्रेस अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ, कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ एवं अन्य आनुषंगिक संगठनों ने जिले पर बिरोध प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के आह्वान पर कर रहे हैं। इस अन्दोलन की मदत में जनता भी कूदने का मन बना रही हैं। कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता डॉ अरविन्द कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि जिले में मंहगाई ने जन जीवन को प्रभावित कर दिया। मंहगाई ने किसानों को खेती करने से हाथ खडा करवा रहीं हैं। ठडखेतिया करने के लिए मजबूर कर रहीं हैं। ज्वार, बाजरा, मक्का, उरद, मूंग, तोरिया, सरसों की बुवाई करने को मजबूर हो रहे हैं। प्रदेश सरकार ने नहरों के पानी आपूर्ति का रोस्टर नहीं जारी कर रहा है। अरे बाप देखों जुलाई में नहर सूखी है। अभियन्ता अपने घरो से नौकरी कर रहे हैं। बिजली की आपूर्ति और डीजल मंहगा होने से जुताई और पानी दोनों मंहगा हो गया। किसानों की खेती छुटटा जानवर, नील गाय, जंगली सुअर खाये जा रही है। अन्दोलन के आलावा कोई रास्ता नहीं है। सरकार मंहगाई करे।

एक तरफ जनता परेशान हैं। तो दूसरी तरफ जनप्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। उनके चेहरे पर मुस्कान हैं। अमेठी सांसद को मुख्य अतिथि बनने के लिए समय है। लेकिन रोकने के लिए समय नहीं है। नेता मंच पर मुस्कुरा रहा हैं। किसान यूरिया, बिजली, पानी और धान की रोपई के लिए परेशान हैं
भाजपा किसान मोर्चा काशी प्रांत क्षेत्रीय अध्यक्ष काशी प्रसाद तिवारी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि नहर में तत्काल अभियन्ता पानी सुनिश्चित करे। और नहरों में जल आपूर्ति का रोस्टर प्रगतिशील किसान, भारतीय किसान यूनियन, जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाये। यूरिया और उर्वरक की आपूर्ति किसान तक पहुंचाने के लिए कृषि बिभाग के अधिकारी आगे आए। राजकीय कृषि भण्डारो पर जिंक सल्फेट, माइक्रो न्यूटेन, सल्फर, खर पतवार नाशी, कीटनाशक दवाओ की उपलब्धता सुनिश्चित करे। किसान दिवस का आयोजन करे। किसानों को बिजली धान की रोपाई देखते कटौती मुक्त करने का प्रयास करे। मोटा आनाज पर सरकार ने आधी छूट दे रही है। जिसका लाभ उठाये।

गौरतलब है कि सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह है। इस कार्यक्रम में अमेठी सांसद और केंद्र सरकार की मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी आ रहीं रही है। देखना है कि मंहगाई पर क्या बात करती हैं। किसानों को पानी रोपाई के लिए क्या दावा करती है। खेतों की जुताई में और फसल की सिंचाई में कैसे डीजल के दामों पर क्या बात करती हैं। महिलाओं की रसोई गैस की मंहगाई पर महिला और बाल विकास मंत्री क्या-क्या सुविधा देगी या बदहाली पर छोड़ देंगी।

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