भूमि विवाद प्रकरण प्रार्थना पत्रों को तत्काल बीपीओ को प्रेषित किया जाए – एडीजी

गोरखपुर

प्रार्थना पत्र का इंद्राज भूमि विवाद रजिस्टर में अवश्य अंकित किया जाए

कोटेदार ग्राम प्रधान क़ानूनफो शिक्षामित्र लेखपाल का बनाया जाए व्हाट्सएप ग्रुप

ब्यूरो प्रमुखएन.अंसारी 

गोरखपुर। अपर पुलिस महानिदेशक अखिल कुमार ने निर्देशित किया है कि थाना दिवस के दिन आने वाले शिकायतों का निस्तारण करने के साथ-साथ दो थाना दिवसों के मध्य आने वाले भूमि विवाद से संबंधित समस्त प्रार्थना पत्र जो थाना प्रभारी/ क्षेत्राधिकारी को मिलते हैं उनके संबंध में संबंधित क्षेत्राधिकारी/ थाना प्रभारी की जिम्मेदारी होगी कि उन समस्त मामलों को वे थाना दिवस के एक दिवस पूर्व चिन्हित करें और थाना दिवस को उन सभी को दर्ज कर ले इन प्रकरणों को निस्तारण करने के लिए आईजीआरएस या शिकायती प्रार्थना पत्र को प्राप्त करने के लिए थाने पर नियुक्त पुलिसकर्मी जिनके द्वारा इस प्रार्थना पत्र का रखरखाव किया जाता है उन्हें इन समस्त प्रार्थना पत्रों की पूर्व से जानकारी होती है इसके लिए यह व्यवस्था लागू की जाए कि जैसे ही प्रार्थना पत्र ऑनलाइन या डाक के माध्यम से प्राप्त होते हैं जो भूमि संबंधित विवाद हुए संबंधित है बीपीओ को तत्काल प्रेषित कर दिया जाए और उसकी पूरी प्रति फाइल पर रखते हुए प्रार्थना पत्र का इंद्राज भूमि विवाद रजिस्टर में अवश्य अंकित कर दिया जाए बीट पुलिस अधिकारी उन प्रार्थना पत्रों पर वादी से संपर्क कर मौके पर जाकर मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल हल्का लेखपाल से संपर्क करते हुए विचार-विमर्श करके स्थिति की समीक्षा करेंगे कोई गंभीर मामला होने पर तत्काल लेखपाल के साथ प्रकरण को निस्तारित करेंगे और समस्या मौके पर निस्तारित हो जाती है तो बीपीओ /लेखपाल द्वारा संयुक्त आख्या दाखिल की जाएगी ऐसे मामले राजस्व कर्मियों के निर्णय होने तक तत्काल यथास्थिति बनाए जाए एवं आवश्यकता अनुसार मौके पर ही कानून-व्यवस्था कायम रखते हुए मौके पर ही यथास्थिति बनाए रखने हेतु दोनों पक्षों को हिदायत दी जाए और संबंधित पक्षकारों के खिलाफ आवश्यक निरोधात्मक धारा 107 ,116, 151 के अंतर्गत कारवाई किया जाए बीपीओ मौके पर जाकर विवादित स्थल का फोटोग्राफ्स लेगा एवं मौके पर आसपास के स्वतंत्र साक्षियों व दोनों पक्षों का हस्ताक्षर युक्त बयान लिया जाये वापसी में तस्करा जीडी में अवश्य अंकित करेगा तथा अपनी आंख्या में इन तथ्यों का उल्लेख करेगा यह व्यवस्था सभी बीपीओ पर प्रभावी होगा तथा किसी पक्ष द्वारा यथास्थिति के स्वरूप में बदलाव लाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और यथा स्थिति में दिए गए बदलाव को पूर्व की स्थिति में ले जाएगा ऐसे मामलों में यथास्थिति बनाते हुए थाना समाधान दिवस के एक दिन पूर्व थाना प्रभारी स्वयं देख लेंगे और और इस तारीफ तो मामला जिस के संबंध में बीपीओ लेखपाल की संयुक्त आख्या नहीं प्राप्त हुई हो ऐसे मामलों में संबंधित द्वारा अगले दिन थाना समाधान दिवस पर दर्ज किया जाएगा क्षेत्राधिकारी को भी जांच के लिए दिए जाते हैं जिसमें भूमि संबंधित विवाद होते हैं ऐसे मामलों को भी क्षेत्रअधिकारी द्वारा अपने कार्यालय में चेक करेंगे तथा ऐसे प्रकरणों की भी समाधान दिवस में दर्ज करके निस्तारण किया जाएगा ऐसे संदर्भ को निस्तारण के बाद उन्हीं आख्या के आधार पर क्षेत्राधिकारीगण अपनी आख्या उपलब्ध कराएंगे यह भी पाया गया है कि कई लेखपालों को बीपीओ के संबंध में जानकारी नहीं है ऐसे मामले में पूर्व में भी निर्देश दिया गया था कि वीपीओ लेखपाल से संपर्क रखेंगे और इस संबंध में व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर बीट के कोटेदार ग्राम प्रधान कानूनगो शिक्षामित्र सहित लेखपाल को इस ग्रुप में अवश्य जोड़ा जाए कदाचित इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है भविष्य में यदि इस संबंध में चेक किए जाने पर जिस लेखपाल को उनके बीपीओ के संबंध में जानकारी नहीं होगी उन मामलों में संबंधित बीट पुलिस अधिकारी बीट उपनिरीक्षक थाना प्रभारी को दोषी माना जाएगा समस्त थाना प्रभारी अपने थाना क्षेत्र में स्थित बीट से संबंधित बीट पुलिस अधिकारियों का नाम उनके बीट क्षेत्र का नाम तथा हल्का लेखपाल के नाम का एक पीडीएफ तैयार करे तथा उक्त पीडीएफ को तहसील वार सभी लेखपालों को उपलब्ध कराएंगे ताकि सभी को ज्ञात हो सके कि उनके क्षेत्र का बीट पुलिस अधिकारियों लेखपाल कौन है।
प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के दौरान यदि भूमाफिया की जानकारी मिलती है तो तत्काल उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।

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