अशोक सिंह ठाकुर बने भारतीय सांस्कृतिक निधि (INTACH) के नए अध्यक्ष!

सांस्कृतिक विरासत संरक्षण को मिलेगा नई दिशा और मजबूती
भारतीय सांस्कृतिक निधि (INTACH) की वार्षिक बैठक का आयोजन 22 मार्च 2025 को नई दिल्ली के मुख्यालय में हुआ, जहाँ अध्यक्ष और गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों के चुनाव सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुए इस चुनाव में श्री अशोक सिंह ठाकुर को आगामी तीन वर्षों के लिए INTACH का अध्यक्ष चुना गया। यह नियुक्ति न केवल संगठन के लिए बल्कि भारतीय सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
भारतीय सांस्कृतिक निधि (INTACH):
INTACH भारत का प्रमुख विरासत संरक्षण संगठन है जिसकी स्थापना 27 जनवरी 1984 को की गई थी। यह संगठन सोसायटी पंजीकरण अधिनियम (1860) के अंतर्गत एक राष्ट्रीय पंजीकृत सोसायटी के रूप में कार्य करता है।
INTACH का उद्देश्य न केवल पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण करना है, बल्कि अमूर्त विरासत को पुनर्जीवित करना और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना भी है। यह संगठन एक सांस्कृतिक बैंक के रूप में कार्य करते हुए विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्तीय और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करता है।
नया अध्याय: विरासत संरक्षण के चार्टर में संशोधन
INTACH का चार्टर, जिसे 2004 में अपनाया गया था, भारत में विरासत संरक्षण के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज़ के रूप में कार्य करता है। अब इसे और अधिक समग्र और अंतःविषय बनाने के लिए संशोधित किया जा रहा है, जिससे यह मूर्त और अमूर्त, प्राकृतिक और सांस्कृतिक सभी प्रकार की विरासतों को शामिल कर सके।
उम्मीदें और भविष्य की योजनाएँ
श्री अशोक सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में INTACH को विरासत संरक्षण की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की उम्मीद है। उनके नेतृत्व में संगठन न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करेगा, बल्कि उसे वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में भी कदम उठाएगा।
निष्कर्ष
INTACH का यह नया नेतृत्व न केवल संस्कृति और इतिहास को संरक्षित करने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि अगली पीढ़ी को भी अपनी समृद्ध विरासत से जोड़ने के लिए प्रेरित करेगा। श्री अशोक सिंह ठाकुर की यह नियुक्ति भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।