ऑफशोर मनी गेमिंग कंपनियों पर DGGI का कड़ा प्रहार

ऑफशोर मनी गेमिंग कंपनियों पर DGGI का कड़ा प्रहार

करोड़ों की टैक्स चोरी पर शिकंजा, 357 वेबसाइटें ब्लॉक!

वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (DGGI) ने टैक्स चोरी और अवैध गतिविधियों में शामिल ऑफशोर ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ा अभियान चलाया है। देशभर में चर्चा का विषय बनी इस कार्रवाई में DGGI ने 357 अवैध और गैर-अनुपालन वाली वेबसाइटों और URL को ब्लॉक कर दिया है।

GST चोरी का बड़ा मामला: 700 से ज्यादा संस्थाएं जांच के घेरे में!

GST कानून के अनुसार, 'ऑनलाइन मनी गेमिंग' को 'माल' की आपूर्ति माना जाता है और इस पर 28% टैक्स लगाया जाता है। लेकिन कई विदेशी ऑपरेटर, पंजीकरण न करवाकर और टैक्स अदायगी से बचते हुए करोड़ों रुपये की चोरी कर रहे हैं। लगभग 700 ऑफशोर संस्थाएं इस समय DGGI की गहन जांच के दायरे में हैं।

बड़े पैमाने पर बैंक खाते फ्रीज, करोड़ों की रकम जब्त!

DGGI ने हाल ही में I4C और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। इसमें 2000 बैंक खातों को ब्लॉक कर दिया गया और 4 करोड़ रुपये जब्त किए गए। इसके अलावा, 392 बैंक खातों को डेबिट फ्रीज कर उनमें जमा 122.05 करोड़ रुपये की बड़ी रकम अस्थायी रूप से जब्त की गई है।

अवैध प्लेटफार्मों पर सख्त कार्रवाई जारी!

कुछ भारतीय नागरिक, जो सतगुरु ऑनलाइन मनी गेमिंग, महाकाल ऑनलाइन मनी गेमिंग और अभी 247 ऑनलाइन मनी गेमिंग जैसे प्लेटफॉर्म चला रहे थे, उनकी गतिविधियों को भी पकड़ा गया। इनसे जुड़े 166 म्यूल खातों को फ्रीज कर दिया गया और अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच अभी भी जारी है।

जनता को सतर्क रहने की सलाह

DGGI ने जनता को चेतावनी दी है कि वे विदेशी ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफार्मों से जुड़ने से बचें। यह न केवल उनके व्यक्तिगत वित्त को खतरे में डाल सकता है बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से वित्तीय अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर कर सकता है।

IPL सीजन में होगी सख्त कार्रवाई!

आगामी IPL सीजन के मद्देनजर, DGGI ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध गेमिंग ऑपरेशनों को रोकने के लिए प्रवर्तन और भी कठोर होगा। अब समय है कि लोग जिम्मेदार गेमिंग को अपनाएं और केवल वैध और विनियमित प्लेटफार्मों का ही उपयोग करें।

DGGI की यह कड़ी कार्रवाई टैक्स चोरी और अवैध गतिविधियों में शामिल संस्थाओं के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे प्लेटफार्मों का प्रचार करने वाले प्रभावशाली लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि यह मामला न केवल वित्तीय नियमों का उल्लंघन है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी सवाल है।