टेककृति 2025: एशिया के सबसे बड़े तकनीकी महोत्सव का भव्य आगाज, सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने किया उद्घाटन!

कानपुर | 28 मार्च 2025 – भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर में एशिया के सबसे बड़े अंतर-महाविद्यालय तकनीकी और उद्यमशीलता महोत्सव "टेककृति 2025" का शानदार आगाज हुआ। इस भव्य समारोह का उद्घाटन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने किया। उद्घाटन सत्र में उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और भविष्य के युद्धक्षेत्रों में तकनीकी चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
तकनीक और नवाचार की नई लहर – "पंता रेई"
इस वर्ष टेककृति 2025 का थीम "पंता रेई" (सब कुछ बहता है) रखा गया है, जो तकनीकी और नवाचार के निरंतर विकास का प्रतीक है। उद्घाटन समारोह में एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित (AOC-in-C, सेंट्रल एयर कमांड) और आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल भी मौजूद रहे।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान का प्रेरक संदेश
अपने संबोधन में जनरल अनिल चौहान ने भारतीय सशस्त्र बलों में तकनीकी उन्नति और आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा—
"भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी प्रगति, रणनीतिक सोच और नवाचार को अपनाना बेहद जरूरी है।"
उन्होंने युवा इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और एनसीसी कैडेटों को अनुशासन, उदारता, साहस और बलिदान के मूल्यों को आत्मसात करने और रक्षा एवं प्रौद्योगिकी में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
"रक्षाकृति" – अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन
टेककृति 2025 की सबसे अनूठी विशेषता "रक्षाकृति" थी, जो भारत की अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों का विशेष प्रदर्शन खंड था। यहाँ उन्नत स्वायत्त ड्रोन, साइबर रक्षा प्रणाली, सैन्य एआई एप्लिकेशन, और अन्य आधुनिक रक्षा नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।
जनरल अनिल चौहान ने शोधकर्ताओं और रक्षा उद्योग के विशेषज्ञों से बातचीत की, जिससे भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीकों को बढ़ावा देने और आयात निर्भरता को कम करने में सहयोग मिलेगा।
तकनीक, नवाचार और भविष्य की ओर एक नया कदम!
टेककृति 2025 ने एक बार फिर प्रौद्योगिकी, उद्यमशीलता और सहयोग का एक ऐतिहासिक मंच प्रदान किया है। यह महोत्सव न केवल इंजीनियरिंग और तकनीकी प्रतिभाओं को निखारने का अवसर देगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में नवाचार को भी नई दिशा देगा।
???? "टेककृति 2025" – नवाचार, तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की नई उड़ान! ????