भव्य स्वरूप में लौटी शिवकुण्ड की आस्था : नवनिर्मित बाबा जलेश्वरनाथ जलाशय जनता को समर्पित, बड़हलगंज में उमड़ा श्रद्धा और उत्साह का सैलाब

भव्य स्वरूप में लौटी शिवकुण्ड की आस्था : नवनिर्मित बाबा जलेश्वरनाथ जलाशय जनता को समर्पित, बड़हलगंज में उमड़ा श्रद्धा और उत्साह का सैलाब

आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा, गोरखपुर, .प्र.

  • दशकों की बदहाली के बाद पुनर्जीवित हुआ पौराणिक शिवकुण्ड, विधायक राजेश त्रिपाठी और चेयरमैन प्रीति महेश उमर ने किया लोकार्पण

बड़हलगंज, गोरखपुर।
आस्था, इतिहास और जनभावनाओं से जुड़ा बड़हलगंज का पौराणिक “शिवकुण्ड” अब अपने नए और भव्य स्वरूप में फिर से श्रद्धालुओं और नगरवासियों की सेवा के लिए समर्पित हो गया है। वर्षों की उपेक्षा, बदहाली और अतिक्रमण का दंश झेलने वाला बाबा जलेश्वरनाथ का पवित्र जलाशय अब सुंदरीकरण और पुनर्निर्माण के बाद नई चमक और भव्यता के साथ लोगों के सामने आया है। बुधवार को आयोजित भव्य लोकार्पण समारोह में श्रद्धा, उत्साह और जनसमर्थन का अद्भुत संगम देखने को मिला।

चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी एवं नगर पंचायत चेयरमैन प्रीति महेश उमर ने वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण के बीच नवनिर्मित शिवकुण्ड को जनता को समर्पित किया। इस दौरान बाबा जलेश्वरनाथ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।


“शिवकुण्ड का पुनर्निर्माण जन आस्था का सम्मान” — राजेश त्रिपाठी

लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि बाबा जलेश्वरनाथ का यह पौराणिक जलाशय केवल एक सरोवर नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्षों से उपेक्षित पड़े इस शिवकुण्ड के पुनर्निर्माण का संकल्प जनता की भावनाओं और श्रद्धा का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया था। उन्होंने कहा कि बाबा जलेश्वरनाथ की कृपा और जनता के आशीर्वाद से यह कार्य पूर्ण हो सका है। विधायक ने कहा कि जब उन्होंने तीसरी बार चिल्लूपार की जनता का प्रतिनिधित्व करने का अवसर पाया, तभी उन्होंने शिवकुण्ड के पुनर्जीवन की दिशा में गंभीर पहल शुरू की थी।


दशकों की उपेक्षा के बाद बदली शिवकुण्ड की तस्वीर

कभी क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान रहा शिवकुण्ड बीते कई दशकों से बदहाली और अतिक्रमण की मार झेल रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक समय ऐसा था जब श्रद्धालु यहां स्नान कर चर्म रोगों से मुक्ति की कामना करते थे। लेकिन समय के साथ यह पवित्र जलाशय स्वयं गंदगी, उपेक्षा और अव्यवस्था का शिकार हो गया।

नगर पंचायत चुनावों में यह मुद्दा लगातार उठता रहा, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद शिवकुण्ड फिर उपेक्षा की अंधेरी गलियों में खो जाता था। वर्ष 2022 में चिल्लूपार में भाजपा की जीत के बाद विधायक राजेश त्रिपाठी ने इसके पुनर्निर्माण की फाइल को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वहीं वर्ष 2023 में नगर पंचायत बड़हलगंज में प्रीति महेश उमर के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद इस महत्वाकांक्षी योजना को गति मिली। विधायक और चेयरमैन की संयुक्त पहल से तमाम विरोध और अवरोधों के बावजूद शिवकुण्ड के सुंदरीकरण का कार्य निरंतर चलता रहा और आखिरकार मई 2026 में यह ऐतिहासिक कार्य पूर्ण हो गया।


भजन संध्या और प्रसाद वितरण ने बनाया आयोजन को यादगार

नवनिर्मित शिवकुण्ड के लोकार्पण अवसर पर भव्य भजन संध्या एवं भोजन प्रसाद कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, नगरवासी और आसपास के ग्रामीण इस कार्यक्रम में शामिल हुए। धार्मिक गीतों और भक्ति संगीत से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने शिवकुण्ड के नए स्वरूप की सराहना करते हुए इसे नगर की ऐतिहासिक धरोहर का पुनर्जन्म बताया। लोगों ने कहा कि अब यह स्थल धार्मिक पर्यटन और जनआस्था का प्रमुख केंद्र बन सकता है।


“यह जनभावनाओं की जीत है” — प्रीति महेश उमर

इस अवसर पर चेयरमैन प्रीति महेश उमर ने नगरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिवकुण्ड का पुनर्निर्माण केवल एक विकास कार्य नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आस्था और भावनाओं की संतुष्टि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह कार्य ईश्वर की कृपा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व के बिना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत लगातार नगर के धार्मिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक स्वरूप को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।


गणमान्य लोगों की रही बड़ी उपस्थिति

कार्यक्रम में चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, ईओ रामसमुख, सभासदगण, सामाजिक कार्यकर्ता, चिकित्सक, व्यापारी, अधिवक्ता एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। लोगों की भारी भीड़ ने इस आयोजन को ऐतिहासिक और यादगार बना दिया।


आस्था, विकास और विरासत का अद्भुत संगम

बाबा जलेश्वरनाथ के पौराणिक शिवकुण्ड का नवनिर्माण केवल एक जलाशय का सुंदरीकरण नहीं, बल्कि बड़हलगंज की सांस्कृतिक विरासत और जनआस्था के पुनर्जीवन की कहानी है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को अपनी धार्मिक धरोहर से जोड़ने के साथ-साथ नगर के गौरव को नई पहचान देने का कार्य करेगी।

भव्य स्वरूप में लौटा शिवकुण्ड अब केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि बड़हलगंज की श्रद्धा, संस्कृति और विकास की नई पहचान बन चुका है।