मानसून से पहले हाई अलर्ट” — रायगढ़ में आपदा प्रबंधन को लेकर कलेक्टर किशन जावले सख्त, सभी विभागों को समन्वय के सख्त निर्देश
विशेष संवाददाता | रायगढ़ (अलीबाग) |
रायगढ़ जिले में आगामी मानसून को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिले की भौगोलिक संवेदनशीलता और हर साल आने वाली बाढ़, भारी बारिश और बिजली जैसी प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर किशन जावले ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तैयार रहने के सख्त निर्देश दिए हैं। योजना भवन में आयोजित “मानसून पूर्व तैयारी समीक्षा बैठक 2026” में कलेक्टर जावले ने साफ कहा कि आपदा प्रबंधन केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी विभागों के सामूहिक प्रयास और समन्वय से ही प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित खतरनाक और संवेदनशील क्षेत्रों का तुरंत निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नेहा भोसले, जिला पुलिस अधीक्षक आँचल दलाल, निवासी उपजिलाधिकारी संदेश शिर्के, भारतीय तटरक्षक अधिकारी अभिषेक कुमार तथा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सागर पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर जावले ने कहा कि मानसून शुरू होने में अभी लगभग एक माह का समय शेष है, ऐसे में सभी विभाग अपनी-अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दें। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग अपना 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रखे और समन्वय के लिए एक जिम्मेदार अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित करे।
उन्होंने सिंचाई विभाग को सभी बांधों और मध्यम परियोजनाओं का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए, वहीं स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाइयां और टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आपदा के दौरान किसी भी प्रकार की महामारी फैलने से रोका जा सके।
लोक निर्माण विभाग को खतरनाक पुलों और सड़कों की मरम्मत, वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था तथा ब्लैक स्पॉट्स पर आवश्यक संकेतक और सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही खोज एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों—जैसे एम्बुलेंस, नाव, लाइफ जैकेट, जेसीबी मशीन, जनरेटर आदि—को पूरी तरह तैयार रखने पर जोर दिया गया।
कलेक्टर ने विशेष रूप से “आपदा मित्रों” की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि आपदा के समय ये स्वयंसेवक सबसे पहले मदद के लिए आगे आते हैं और प्रशासन के लिए एक मजबूत सहारा बनते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित गांवों में नियुक्त अधिकारी लगातार स्थानीय लोगों के संपर्क में रहें और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन सुनिश्चित करें। साथ ही नगर पालिका और नगर निगम को 31 मई से पहले नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था पूरी करने के निर्देश दिए गए।
निष्कर्षतः, रायगढ़ में प्रशासन ने मानसून से पहले ही व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर किशन जावले के नेतृत्व में सभी विभागों को एकजुट होकर कार्य करने का संदेश दिया गया है, जिससे संभावित आपदाओं का प्रभाव कम किया जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
✨ यह तैयारी और सतर्कता ही आने वाले मानसून में रायगढ़ के लोगों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो सकती है।






