देवरिया में शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ का भव्य सम्मेलन: नई कार्यकारिणी का गठन, कर्मचारियों के अधिकारों और संगठन मजबूती पर मंथन
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, प्रवीण यादव, निजामाबाद, आजमगढ़, उ.प्र.
- अशोक इंटर कॉलेज में जुटे शिक्षणेत्तर कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मियों का हुआ सम्मान
देवरिया। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की आवाज को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से देवरिया जनपद में शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ का जनपदीय सम्मेलन बड़े ही भव्य और उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अशोक इंटर कॉलेज, डुमरी रामपुर कारखाना में हुआ, जहां जनपद भर से शिक्षणेत्तर कर्मचारी, प्रधानाचार्य, शिक्षक और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया तथा कर्मचारियों की समस्याओं, अधिकारों और संगठन की मजबूती को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में कर्मचारियों के उत्साह और एकजुटता ने आयोजन को विशेष बना दिया।
सम्मेलन में दिखा संगठन की एकता और ऊर्जा का माहौल
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामपुर कारखाना विधायक सुरेंद्र चौरसिया रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजय द्विवेदी ने की। सम्मेलन की शुरुआत स्वागत एवं सम्मान समारोह से हुई, जहां निर्विरोध निर्वाचित जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने मुख्य अतिथि सहित अन्य आगंतुकों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम में इस वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनकी सेवाओं की सराहना करते हुए उनके योगदान को शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।
नई कार्यकारिणी का गठन, विनोद सिंह बने जिलाध्यक्ष
सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन रहा। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत कई पदों पर निर्विरोध चुनाव संपन्न हुआ। नई कार्यकारिणी में—
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विनोद सिंह को निर्विरोध जिलाध्यक्ष,
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शैलेन्द्र श्रीवास्तव को वरिष्ठ उपाध्यक्ष,
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आशुतोष द्विवेदी को जिला मंत्री,
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कृष्ण कुमार सिंह को जिला कोषाध्यक्ष,
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तथा अरुण कुमार गुप्ता को जिला सह सचिव चुना गया।
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद उपस्थित कर्मचारियों और पदाधिकारियों ने नवनिर्वाचित टीम को बधाई देते हुए संगठन को और मजबूत बनाने की उम्मीद जताई।
कर्मचारियों की समस्याओं और अधिकारों पर हुई गंभीर चर्चा
सम्मेलन में वक्ताओं ने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं, उनके अधिकारों और संगठन की भूमिका पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, लेकिन कई बार उनकी समस्याएं लंबे समय तक अनदेखी रह जाती हैं। ऐसे में संगठन की मजबूती बेहद आवश्यक है। कर्मचारियों से अपील की गई कि वे संगठन के साथ एकजुट होकर कार्य करें और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में सक्रिय योगदान दें।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
सम्मेलन में शिक्षा जगत और विभिन्न संगठनों से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। इनमें—
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उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के जिला अध्यक्ष माधव प्रसाद सिंह,
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उपाध्यक्ष डॉ. मिथलेश कुमार सिंह,
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महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. शशिपाल राव,
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माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के जिला अध्यक्ष सुरेश सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रदेश सचिव आलोक राय ने किया।
संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठनात्मक एकता बेहद जरूरी है। उन्होंने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने और संगठन को गांव से लेकर जनपद स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।
शिक्षा व्यवस्था में योगदान को मिला सम्मान
इस आयोजन ने न केवल शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को एक मंच प्रदान किया, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में उनके योगदान को भी सम्मान दिलाने का कार्य किया। सम्मेलन में मौजूद कर्मचारियों के उत्साह से यह साफ नजर आया कि संगठन आने वाले समय में कर्मचारियों की आवाज को और मजबूती से उठाने की दिशा में कार्य करेगा। देवरिया में आयोजित शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ का यह सम्मेलन संगठनात्मक एकता, कर्मचारियों के सम्मान और शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ कर्मचारियों में नई ऊर्जा और उम्मीद का माहौल दिखाई दिया।







