अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत पहुँचा खूँखार अनमोल बिश्नोई: NIA की गिरफ्त में क्रिमिनल–टेरर नेटवर्क का ‘इंटरनेशनल मास्टरमाइंड’
भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने संगठित अपराध और आतंक के गठजोड़ पर एक बड़ा प्रहार किया है। अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत लौटे कुख्यात गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को NIA ने दिल्ली में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे 11 दिन की कस्टडी मंजूर की गई है। अदालत ने भी माना कि आरोप गंभीर हैं और मामले की तह तक पहुँचने के लिए विस्तृत पूछताछ अनिवार्य है।
NIA की प्राथमिक जाँच में यह सामने आया है कि अनमोल सिर्फ एक अपराधी नहीं, बल्कि एक क्रिमिनल–टेरर नेटवर्क का अंतरराष्ट्रीय ऑपरेटर है। विदेश में बैठकर वह
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टारगेट किलिंग,
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हथियारों की सप्लाई,
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रंगदारी वसूली,
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और सोशल मीडिया के ज़रिए दहशत फैलाने जैसे ऑपरेशन चलाता था। उसकी पहुँच न सिर्फ भारत, बल्कि कनाडा, अमेरिका और मध्य–पूर्व तक फैली बताई जाती है। एजेंसी का दावा है कि यह नेटवर्क बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों से भी जुड़ा रहा है—जो इस पूरे केस को और अधिक संवेदनशील और गंभीर बनाता है। अनमोल बिश्नोई कई हाई–प्रोफाइल मामलों में नामजद है—
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सिद्धू मूसेवाला की हत्या,
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बाबा सिद्दीकी मर्डर प्लान,
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और सलमान खान के घर फायरिंग
जैसे मामलों में उसकी भूमिका को लेकर पहले से संदेह गहराया हुआ था, जिसे अब NIA गहराई से खंगाल रही है।
जाँच का दायरा और बड़ा
NIA अब उसके
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फाइनैंसियल नेटवर्क,
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हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला,
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विदेश से संचालित हैंडलिंग,
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और सोशल मीडिया ऑपरेशन
की परतें खोलने में जुटी है। यह माना जा रहा है कि अनमोल के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल-टेरर गठजोड़ की कई कड़ियाँ खुल सकती हैं।
कोर्ट के सख्त निर्देश
अदालत ने सुरक्षा और पारदर्शिता को देखते हुए निर्देश दिया है कि
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हर 48 घंटे में मेडिकल चेकअप हो,
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और पूछताछ व सुरक्षा व्यवस्था की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए।
यह दर्शाता है कि मामला संवेदनशील होने के साथ-साथ अत्यंत हाई-प्रोफाइल है, और एजेंसियाँ किसी भी तरह की चूक से बचना चाहती हैं।






