पाकिस्तान को बड़ा झटका: तालिबान विदेश मंत्री के बाद अब वाणिज्य मंत्री की भारत यात्रा, अफगानिस्तान ने दिया ट्रेड खत्म करने का अल्टीमेटम

पाकिस्तान को बड़ा झटका: तालिबान विदेश मंत्री के बाद अब वाणिज्य मंत्री की भारत यात्रा, अफगानिस्तान ने दिया ट्रेड खत्म करने का अल्टीमेटम

दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़—अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ ट्रेड युद्ध का बिगुल बजा दिया है, और इसी के बीच तालिबान सरकार का एक और बड़ा मंत्री अचानक भारत पहुंच गया है। यह घटनाक्रम दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ती खाई को साफ़ दिखाता है। अफगानिस्तान ने अपने सभी व्यापारियों को सख्त निर्देश देते हुए 3 महीने का अल्टीमेटम दिया है कि वे पाकिस्तान के साथ अपने सभी व्यापारिक संबंध समाप्त कर दें। यह आदेश ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच सीमा विवाद, व्यापारिक रुकावटों और राजनीतिक तनाव ने चरम रूप ले लिया है।

इस फैसले के तुरंत बाद अफगानिस्तान के वाणिज्य मंत्री हजरत अलहाज नूरुद्दीन अजीजी भारत दौरे पर आ गए, जिसने पाकिस्तान की चिंता और बढ़ा दी है। इससे पहले तालिबान के विदेश मंत्री भी भारत आ चुके हैं, जिससे यह संकेत और मज़बूत होता है कि काबुल अब इस्लामाबाद से दूरी और नई दिल्ली से नज़दीकी बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। भारत आने के पीछे वाणिज्य मंत्री के दो प्रमुख उद्देश्य बताए जा रहे हैं:

  • भारत के साथ व्यापारिक सहयोग को तेज़ गति देना

  • नई कारोबारी संभावनाओं को मजबूत करना, खासकर खाद्य, दवाइयों, और आवश्यक सामग्रियों के क्षेत्र में

विशेषज्ञों का कहना है कि अफगानिस्तान का पाकिस्तान से व्यापार तोड़ना सिर्फ एक आर्थिक फैसला नहीं, बल्कि एक सख्त राजनीतिक संदेश है—और भारत यात्रा उसी बदलते समीकरण का सबसे बड़ा प्रमाण है। क्षेत्रीय कूटनीति में यह घटना भारत के लिए भी अहम है। यह न केवल दक्षिण एशिया में भारत की बढ़ती भूमिका और विश्वसनीयता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि काबुल नई दिल्ली को एक स्थिर और भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रहा है। फिलहाल, पाकिस्तान इस घटनाक्रम को ध्यान से देख रहा है, क्योंकि यह उसकी अर्थव्यवस्था और रणनीतिक स्थिति पर बड़ा असर डाल सकता है।