बड़हलगंज में प्रसूता की मौत से हड़कंप: ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा
बड़हलगंज, गोरखपुर।
गोरखपुर जनपद के बड़हलगंज कस्बे में सोमवार को एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद सनसनी फैल गई। परिजनों ने उपचार में लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मृतका के परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक आरोपी चिकित्सक की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
मृतका प्रिया तिवारी (पत्नी शशांक तिवारी उर्फ गोलू) को गर्भावस्था के अंतिम चरण में 16 फरवरी 2026 की सुबह बड़हलगंज स्थित सिया मैटरनिटी सेंटर में भर्ती कराया गया था।
परिजनों के अनुसार, अस्पताल संचालक डॉ. पूनम यादव ने तत्काल ऑपरेशन की सलाह देते हुए उसी दिन सर्जरी कराने को कहा। पति का आरोप है कि सुबह 11:46 बजे भर्ती के बाद जल्दबाजी में ऑपरेशन की तैयारी की गई। दोपहर में रक्त की आवश्यकता बताई गई, जिसके बाद एक यूनिट खून की व्यवस्था की गई।करीब 12:22 बजे ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा को बाहर लाया गया, लेकिन प्रसूता की स्थिति गंभीर बताई जा रही थी।
लगातार बिगड़ती रही हालत
परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही। पूछने पर डॉक्टर ने कमजोरी बताकर खून चढ़ाने से सुधार होने की बात कही। कुछ समय बाद मरीज को घबराहट और बेचैनी होने लगी, लेकिन परिजनों के बार-बार बुलाने के बावजूद डॉक्टर स्वयं नहीं आईं और स्टाफ को भेजती रहीं। शाम करीब 7:30 बजे डॉक्टर पहुंचीं और मरीज की हालत नाजुक बताते हुए एक और यूनिट खून की मांग की। परिजनों का आरोप है कि अंदरूनी रक्तस्राव की आशंका जताने पर भी इसे नकार दिया गया। बताया गया कि दूसरी यूनिट खून लाने के दौरान मरीज की हालत और गंभीर हो गई। परिजनों का आरोप है कि इसी बीच डॉक्टर स्टाफ सहित अस्पताल छोड़कर चली गईं। इसके बाद परिजन आनन-फानन में प्रसूता को नजदीकी दुर्गावती अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अंदरूनी ब्लीडिंग छिपाने का आरोप
मृतका के पति शशांक तिवारी का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान अंदरूनी ब्लीडिंग शुरू हो गई थी, जिसे छिपाया गया। उनका आरोप है कि यदि समय रहते सही जानकारी और उपचार मिलता तो जान बचाई जा सकती थी। शिकायत पत्र के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार से इनकार
मृतका के परिवार ने स्पष्ट किया है कि जब तक आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।






