ब्लॉक संसाधन केंद्र बांसगांव में ‘शारदा’ तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
आर.वी.9 न्यूज़ | ब्यूरो प्रमुख- एन. अंसारी
बांसगांव, गोरखपुर।
ब्लॉक संसाधन केंद्र बांसगांव में तीन दिवसीय ‘शारदा’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन खंड शिक्षा अधिकारी रोहित पाण्डेय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
क्या है ‘शारदा’ कार्यक्रम
‘शारदा’ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित एक विशेष कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य 5 से 14 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों की पहचान करना, उनका नामांकन सुनिश्चित करना और विशेष प्रशिक्षण प्रदान करना है, जो बीच सत्र में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इस योजना के माध्यम से ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने और उनकी शिक्षा पूर्ण कराने पर जोर दिया जाता है।
संदर्भ दाताओं ने दी विस्तृत जानकारी
प्रशिक्षण में संदर्भ दाता के रूप में रामकृष्ण मिश्र एवं दिलीप श्रीवास्तव उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों से संवाद करते हुए ‘शारदा’ कार्यक्रम की रूपरेखा, क्रियान्वयन प्रक्रिया और जमीनी स्तर पर इसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप “सब पढ़े, सब बढ़े” अभियान के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और विद्यालय छोड़ चुके बच्चों को पुनः मुख्यधारा में लाया जाए।
शिक्षक संघ ने बताया महत्वपूर्ण पहल
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक मंत्री संग्राम सिंह ने कहा कि 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के जो बच्चे बीच सत्र में स्कूल छोड़ देते हैं, उनके लिए यह प्रशिक्षण अमृत समान साबित होगा। इससे शिक्षकों को बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने में मदद मिलेगी।
सैकड़ों शिक्षक रहे उपस्थित
प्रशिक्षण कार्यक्रम में महेंद्र यादव त्रिपाठी, उर्मिला देवी, हरिश्चंद्र, गुंजन त्रिपाठी, अनिल गुप्ता, आशा सिंह, अंजना पांडेय, सीमा राय, विनीता सिंह, सुनीता राय, जनार्दन प्रसाद कुशवाहा, संदीप कुमार नायक, चयनिका राय, वंदना सिंह, खुशबू सिंह, कैसर जमील, धर्मेंद्र कुमार रावत, राजीव नारायण सिंह, श्री प्रकाश, शिव प्रताप यादव, महेंद्र प्रसाद शर्मा, पूजा पांडेय, सुधीर कुमार मिश्रा, अजेश कुमार सिंह, रत्नेश कुमार, गीता सिंह, चित्रसेन सिंह, दीपक सिंह, राम प्रसाद, अनिल पाण्डेय, पंकज कुमार पाण्डेय सहित सैकड़ों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण और उपयोगी पहल बताते हुए सरकार के प्रयासों की सराहना की।






