नत्थूपुर में गूंजा “हर-हर महादेव”: 11 दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, क्षेत्र हुआ शिवमय
अंजानशहीद–आर्यमगढ़।
धर्म, आस्था और श्रद्धा के पावन संगम के बीच क्षेत्र के नत्थूपुर, छत्तरपुर खुशहाल स्थित श्री शिवमंदिर परिसर में 12 फरवरी 2026 से 22 फरवरी 2026 तक आयोजित भव्य श्री रुद्र महायज्ञ ने पूरे इलाके को भक्तिमय बना दिया है। 11 दिवसीय इस दिव्य अनुष्ठान का शुभारंभ गुरुवार, 12 फरवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों महिलाओं और श्रद्धालुओं की सहभागिता ने वातावरण को अलौकिक बना दिया।

भक्ति और उल्लास से सजी भव्य कलश यात्रा
कलश यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरी। श्रद्धालुओं के मुख से निकले “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से पूरा नत्थूपुर गूंज उठा। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर जब पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा निकाली, तो दृश्य अत्यंत मनोहारी और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण दिखाई दिया। भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की धुनों के बीच गांव का प्रत्येक मार्ग मानो शिवमय हो उठा।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिदिन हो रहा रुद्राभिषेक
यज्ञाचार्यों के सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिदिन हवन-पूजन, रुद्राभिषेक एवं धार्मिक प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आहुति दे रहे हैं और पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। प्रवचनों में धर्म, संस्कार और समाज में सद्भाव के संदेश दिए जा रहे हैं, जिससे युवाओं और ग्रामीणों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है।
22 फरवरी को पूर्णाहुति व विशाल भंडारा
इस पावन महायज्ञ की पूर्णाहुति 22 फरवरी 2026, रविवार को होगी। इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालुओं, गणमान्य नागरिकों एवं दूर-दराज़ से आने वाले भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता की अपील की गई है।
आयोजन समिति की सक्रिय भूमिका
इस महायज्ञ के सफल संचालन में अध्यक्ष बृजेश यादव, संयोजक प्रमोदभीर्य, सोनू शर्मा एवं बृजेश यादव (गुड्डू) सहित युवा समाज के कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम के संरक्षक शिवचन्द यादव (दरोगा जी) तथा संस्थापक बाबा रामकरन दास के मार्गदर्शन में समस्त व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रही हैं। आयोजन समिति की ओर से क्षेत्रवासियों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य अनुष्ठान का पुण्य लाभ अर्जित करें और धर्म एवं संस्कृति के इस महापर्व को सफल बनाएं।






