इटावा में अखिलेश यादव का देसी अंदाज़: सड़क किनारे रुके, शादी वाले घर में पहुंचकर खाए ‘मठा के आलू’
इटावा।
राजनीति की भागदौड़ के बीच सादगी का एक दिलचस्प दृश्य इटावा में देखने को मिला, जब सैफई से लौटते समय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अचानक सड़क किनारे रुक गए। आसपास मौजूद लोगों को तब आश्चर्य हुआ जब वे सीधे एक शादी वाले घर में पहुंच गए और परिवारजनों के साथ बैठकर देसी व्यंजन मठा के आलू का स्वाद लिया।
सहजता ने जीता लोगों का दिल
बताया जा रहा है कि काफिला गुजर रहा था, तभी पास में शादी समारोह की चहल-पहल देखकर अखिलेश यादव ने गाड़ी रुकवा दी। बिना किसी औपचारिकता के वे सीधे घर के अंदर पहुंचे, दूल्हा-दुल्हन और परिजनों को आशीर्वाद दिया और बड़े ही आत्मीय अंदाज में ग्रामीणों के साथ बैठकर भोजन किया।उनका यह सहज व्यवहार देखकर लोग भावुक हो उठे। किसी ने इसे “नेता और जनता के बीच की दूरी मिटाने वाला पल” कहा, तो किसी ने इसे पुराने दौर की राजनीति की झलक बताया।
‘नेताजी’ की याद हुई ताज़ा
स्थानीय लोगों ने इस व्यवहार को समाजवादी परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि यह अंदाज उन्हें मुलायम सिंह यादव की याद दिलाता है, जो आमजन के बीच इसी तरह सहजता से पहुंच जाया करते थे।ग्रामीणों का कहना है कि बड़े पद पर होने के बावजूद इस तरह अचानक किसी सामान्य परिवार के समारोह में पहुंच जाना, उनके सादगीपूर्ण व्यक्तित्व को दर्शाता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे “जमीन से जुड़े नेता की पहचान” बताते हुए साझा कर रहे हैं। कई यूज़र्स ने लिखा कि राजनीति में ऐसी सहजता और मानवीयता कम ही देखने को मिलती है।
सादगी भरा संदेश
इटावा की इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि राजनीति के मंच से परे, जनता के बीच आत्मीयता का रिश्ता कितना मायने रखता है। सड़क किनारे रुककर शादी वाले घर में पहुंचना और मठा के आलू का स्वाद लेना—यह दृश्य केवल एक क्षणिक घटना नहीं, बल्कि सादगी और अपनत्व का प्रतीक बन गया।






