‘वोट चोरी’ के खिलाफ कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, रामलीला मैदान में आज लोकतंत्र बचाने की हुंकार, राहुल–खरगे करेंगे संबोधन

‘वोट चोरी’ के खिलाफ कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, रामलीला मैदान में आज लोकतंत्र बचाने की हुंकार, राहुल–खरगे करेंगे संबोधन

चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर कांग्रेस आज राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। पार्टी का दावा है कि सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत से लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। इसी के विरोध और जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से यह रैली आयोजित की जा रही है, जिसमें कांग्रेस के तमाम शीर्ष नेता शामिल होंगे।


रामलीला मैदान बनेगा सियासी रणक्षेत्र

दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान आज एक बार फिर राजनीति के केंद्र में होगा। कांग्रेस पार्टी ने संसद से सड़क तक संघर्ष ले जाने का ऐलान करते हुए वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर के मुद्दे पर यह महाप्रदर्शन बुलाया है। पार्टी का कहना है कि यह केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है।

रैली को संबोधित करेंगे शीर्ष नेता

इस प्रदर्शन में कांग्रेस का पूरा शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहेगा। रैली को संबोधित करने वालों में—

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे,

  • पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी,

  • महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा,

  • संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल,

  • वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और

  • युवा नेता सचिन पायलट शामिल हैं।

इसके अलावा, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के भी कार्यक्रम में शामिल होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

इंदिरा भवन से रामलीला मैदान तक मार्च

रैली से पहले कांग्रेस के सभी सांसद और वरिष्ठ नेता कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में एकत्र होंगे।

  • दोपहर 12 बजे सांसदों की बैठक

  • इसके बाद सामूहिक रूप से रामलीला मैदान के लिए प्रस्थान

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस प्रदर्शन में

  • गांधी परिवार के तीनों सदस्य,

  • कांग्रेस अध्यक्ष,

  • तीन मुख्यमंत्री

  • और उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे, जिससे रैली को व्यापक राजनीतिक संदेश देने की तैयारी है।

कांग्रेस का आरोप: लोकतंत्र पर सुनियोजित हमला

कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में—

  • वोटर लिस्ट में हेरफेर,

  • निष्पक्षता पर सवाल,

  • और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को कमजोर किया जा रहा है।

पार्टी का कहना है कि अगर समय रहते इन मुद्दों पर आवाज नहीं उठाई गई, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।

जनता से सीधा संवाद, दबाव की रणनीति

इस रैली के जरिए कांग्रेस न सिर्फ सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाना चाहती है, बल्कि आम जनता को यह संदेश भी देना चाहती है कि—

“आपका वोट आपकी ताकत है, और इस ताकत से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”


रामलीला मैदान में होने वाला यह प्रदर्शन कांग्रेस के लिए केवल एक रैली नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक संघर्ष की दिशा तय करने वाला मंच माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस की यह हुंकार सरकार और चुनाव आयोग पर कितना असर डाल पाती है।

क्योंकि जब वोट पर सवाल उठता है,
तो लोकतंत्र खुद जवाब मांगता है…