सरकारी स्कूल बना जलभराव का शिकार: नाली के गंदे पानी और कचरे से परिसर बदहाल

सरकारी स्कूल बना जलभराव का शिकार: नाली के गंदे पानी और कचरे से परिसर बदहाल

प्रधान से वार्ता के आधार पर चंद्र प्रकाश मौर्य की खास रिपोर्ट

स्थानीय संवाददाता।
गांव के सरकारी विद्यालय की स्थिति इन दिनों बेहद चिंताजनक बनी हुई है। स्कूल परिसर में नाली का गंदा पानी भर जाने और जगह-जगह कचरा जमा होने से छात्र, शिक्षक और अभिभावक परेशान हैं। बरसात और जाम नालियों के कारण विद्यालय का मैदान तालाब जैसा नजर आ रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।

झील में तब्दील हुआ स्कूल मैदान

विद्यालय परिसर में जलभराव की वजह से बच्चों को कक्षाओं तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। गंदे पानी से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। शिक्षकों का कहना है कि इस माहौल में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

प्रधान ने दी सफाई और समाधान का आश्वासन

इस गंभीर समस्या को लेकर संवाददाता चंद्र प्रकाश मौर्य ने ग्राम प्रधान से विशेष बातचीत की। प्रधान ने बताया कि नालियों की सफाई नियमित रूप से कराई जाती है, लेकिन हाल की तेज बारिश और बाहरी जलनिकासी बाधित होने के कारण पानी जमा हो गया है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों को तत्काल दोबारा सफाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्थायी समाधान के लिए अतिरिक्त पाइपलाइन डालने और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की योजना बनाई जा रही है। प्रधान ने संबंधित विभाग से तकनीकी सहायता लेने की भी बात कही।

अभिभावकों में रोष, स्थायी समाधान की मांग

अभिभावकों ने चिंता जताई है कि इस तरह के अस्वच्छ वातावरण में बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। ग्रामीणों की मांग है कि विद्यालय परिसर में नियमित सफाई, पक्की जलनिकासी व्यवस्था और ठोस कचरा प्रबंधन योजना लागू की जाए।

प्रशासन से कार्रवाई की अपेक्षा

शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले विद्यालय में स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी जल्द निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेंगे, ताकि बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।