IPS पिता ने किया सिपाही को बर्खास्त, वकील बेटी ने कोर्ट से दिलाई बहाली – इलाहाबाद हाईकोर्ट का दिलचस्प मामला चर्चा में

- आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता मनोज कुमार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने न्यायालय की गरिमा के साथ-साथ पिता-पुत्री के रिश्ते की अनूठी मिसाल भी पेश कर दी। यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस और हाईकोर्ट से जुड़ा है, जहां एक ओर पिता बतौर आईपीएस अधिकारी ने एक सिपाही को बर्खास्त कर दिया, वहीं दूसरी ओर उनकी वकील बेटी ने उसी सिपाही का केस लड़कर उसे कोर्ट से बहाल करा दिया।
घटना बरेली रेंज के तत्कालीन आईजी राकेश सिंह और उनकी बेटी वकील अनुरा सिंह से जुड़ी है। जनवरी 2023 में त्रिवेणी एक्सप्रेस में सफर कर रही 17 वर्षीय किशोरी ने सिपाही तौफीक अहमद पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज हुआ और विभागीय कार्रवाई में सिपाही को बर्खास्त कर दिया गया।
हालांकि लोअर कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सिपाही तौफीक को आरोपों से बरी कर दिया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां सिपाही की ओर से वकील अनुरा सिंह ने पैरवी की। खास बात यह रही कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान सामने पिता—पूर्व आईजी राकेश सिंह—मौजूद थे, और दूसरी ओर बेटी बतौर डिफेंस वकील अपनी दलीलें पेश कर रही थीं।
अंततः हाईकोर्ट ने सिपाही की बहाली का आदेश दिया। यह फैसला भले ही अदालत में "बेटी की जीत" माना गया, लेकिन राकेश सिंह के लिए यह पल किसी हार का नहीं, बल्कि गर्व का था—क्योंकि यह उनके अपने घर में न्याय, पेशेवर ईमानदारी और संवैधानिक मूल्यों की जीत थी।
यह मामला अब कानूनी गलियारों और पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है—जहां पेशेवर कर्तव्य और रिश्तों के बीच संतुलन की मिसाल पेश की गई है।