कोयम्बटूर में गूंजा प्राकृतिक खेती का संदेश: पीएम मोदी ने किसान से मिलकर बढ़ाया आत्मविश्वास, बदली समिट की फिज़ा

कोयम्बटूर में गूंजा प्राकृतिक खेती का संदेश: पीएम मोदी ने किसान से मिलकर बढ़ाया आत्मविश्वास, बदली समिट की फिज़ा

कोयम्बटूर में मंगलवार को प्राकृतिक खेती को समर्पित भव्य नेचुरल फ़ार्मिंग समिट का आगाज़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। हरियाली से घिरे विशाल पंडाल, जैविक उत्पादों की सुगंध, और किसानों की उमंगों के बीच यह समिट एक प्रेरणादायी पर्व में बदल गया। लेकिन पूरे कार्यक्रम का सबसे भावुक और चर्चा में रहने वाला क्षण तब आया जब प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर मौजूद एक किसान से मिलकर उसके अनुभव सुने और उसे आगे बढ़ने का हौसला दिया।प्रधानमंत्री ने किसान की ओर बढ़ते हुए मुस्कुराकर हाथ थामा, और बड़ी आत्मीयता से प्राकृतिक खेती में उसके योगदान के बारे में पूछा। किसान ने गर्व से बताया कि कैसे उसने रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक तरीकों से उत्पादन बढ़ाया और खेती की लागत घटाई। किसान की साधारण जिंदगी और असाधारण हौसले ने प्रधानमंत्री को भी प्रभावित कर दिया।

पीएम मोदी ने कहा, “भारत की धरती का भविष्य प्राकृतिक खेती में ही छुपा है। हमारे किसान जितना अपनाएंगे, देश उतना खिल उठेगा।”

समिट में देशभर से आए विशेषज्ञों, कृषि वैज्ञानिकों और हजारों किसानों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनी में गाय आधारित जैविक उर्वरक, देसी बीजों की किस्में, जल संरक्षण के मॉडल और आधुनिक तकनीक से जुड़े कई स्टाल आकर्षण का केंद्र बने रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने इस बदलाव को “किसान-क्रांति का नया अध्याय” बताते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी और सेहत बचाती है, बल्कि किसानों की आर्थिक स्वतंत्रता के लिए भी अमृत समान है।

समिट के दौरान पीएम और किसान की वह मुलाक़ात सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रही है, जिसे लोग “धरती और नेता का दिल से जुड़ना” कहकर सराह रहे हैं। कोयम्बटूर की इस ऐतिहासिक शुरुआत ने पूरे देश में प्राकृतिक खेती को लेकर नई ऊर्जा भर दी है। माना जा रहा है कि इससे आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।