नीतीश कुमार की राजनीतिक पारी फिर नई ऊँचाई पर: 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, NDA बैठकों में तय हुआ गठबंधन नेतृत्व

नीतीश कुमार की राजनीतिक पारी फिर नई ऊँचाई पर: 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, NDA बैठकों में तय हुआ गठबंधन नेतृत्व

बिहार की सियासत में एक ऐतिहासिक दिन: नीतीश कुमार गुरुवार को दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। यह शपथ वे उस समय लेंगे, जब पार्टी गठबंधन में उनकी साख और सत्ता की मजबूती एक साथ झलक रही है। एनडीए ने हाल ही में एक बैठक बुलाकर नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से गठबंधन नेता चुना है — यह दिखाता है कि बिहार में उनके राजनीतिक प्रभाव और नेतृत्व पर पूरी गठबंधन की सहमति है। इसके बाद, जेडीयू और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुलाक़ात कर रहे हैं ताकि अगले मंत्रिमंडल के आकार और हिस्सेदारी पर अंतिम बातचीत हो सके।

मेहमानों की लिस्ट भी दर्शाती है इस शपथ ग्रहण समारोह की राजनीतिक और सामाजिक महत्ता:

  • राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेता — NDA गठबंधन के वरिष्ठ नेतागण, बीजेपी के शीर्ष नेताओं, और जेडीयू के महत्वपूर्ण पदाधिकारी shपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहेंगे।

  • केन्द्रीय नेतृत्व — माना जा रहा है कि भाजपा की केंद्रीय नेतृत्व की कुछ महत्वपूर्ण हस्तियाँ शामिल होंगी, ताकि बिहार में गठबंधन की रणनीतिगत साझेदारी का पुख्ता संदेश भेजा जा सके।

  • राजनीतिक सहमति और प्रतीकवाद — इस तस्दीक के साथ कि यह सिर्फ एक सरकार का गठन नहीं है, बल्कि बिहार और NDA के लिए एक नव चाप की शुरुआत है, शपथ ग्रहण समारोह को एक सामरिक और प्रतीकात्मक तारीख की तरह देखा जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस “दशवाँ मुख्यमंत्री पद” की शुरुआत नीतीश कुमार के लंबे अनुभव, उनकी नैतृत्व शैली और गठबंधन की स्थिरता का उत्सव है — साथ ही यह संकेत भी है कि बिहार में अगले मार्ग के लिए उन्होंने और उनकी पार्टी ने तैयारियाँ पहले से ही मजबूती से कर ली हैं।