नववर्ष 2026 की सौगात: ग्राम प्रधान संदीप मोदनवाल ने बच्चों के हाथों में थमाया खेल का उजाला
करवल मझगावा में खेल, संस्कार और सकारात्मक सोच के साथ नव वर्ष का स्वागत
- आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, चंद्रप्रकाश मौर्य
गोरखपुर (गगहा)।
नववर्ष 2026 का आगमन करवल मझगावा ग्राम पंचायत में केवल तारीख़ का बदलाव नहीं, बल्कि उम्मीदों, मुस्कान और नए सपनों की शुरुआत बन गया। ग्राम प्रधान संदीप मोदनवाल ने इस पावन अवसर को बच्चों के भविष्य से जोड़ते हुए एक प्रेरणादायी पहल की, जिसने पूरे क्षेत्र में सराहना बटोरी। नव वर्ष के शुभ मौके पर उन्होंने ग्राम पंचायत करवल मझगावा के बच्चों को बैट और बल्ले वितरित कर खेलों के प्रति जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

खेल के ज़रिए संस्कार और सेहत का संदेश
इस अवसर पर बच्चों के चेहरों पर उमंग, उत्साह और खुशी साफ़ झलक रही थी। छोटे-छोटे हाथों में जब बैट और बल्ला थमा, तो मानो भविष्य के सपनों को पंख मिल गए। ग्राम प्रधान संदीप मोदनवाल ने कहा कि “खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार हैं। इससे न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास भी विकसित होता है।”
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल और नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखकर खेलों और रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करें।
नव वर्ष पर सौहार्द और विकास की कामना
इस अवसर पर ग्राम प्रधान ने क्षेत्र के समस्त ग्रामवासियों को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नया साल गांव के लिए विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और भाईचारे की नई राह लेकर आए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ग्राम पंचायत के सर्वांगीण विकास के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे।
गांव में गूंजा सकारात्मक संदेश
कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों, युवाओं और बुजुर्गों ने इस पहल की खुले दिल से प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि ऐसे प्रयास गांव के बच्चों में नई ऊर्जा भरते हैं और समाज को सही दिशा देते हैं। यह आयोजन केवल खेल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सकारात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बन गया।
नववर्ष 2026 पर ग्राम प्रधान संदीप मोदनवाल की यह पहल यह साबित करती है कि जब नेतृत्व संवेदनशील और दूरदर्शी हो, तो छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव की नींव बन जाते हैं। करवल मझगावा में नव वर्ष का यह स्वागत आने वाले समय में खेल, स्वास्थ्य और सामाजिक एकता के नए अध्याय लिखेगा।
निस्संदेह, यह आयोजन एक आदर्श उदाहरण है—जहाँ नव वर्ष की शुभकामनाएं शब्दों में नहीं, बल्कि बच्चों के मुस्कुराते भविष्य में दिखाई दीं।






