आधारशिला इंटरनेशनल स्कूल का छह दिवसीय समर कैंप धूमधाम से संपन्न
कराटे, योग, डांस और रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों ने सीखे आत्मविश्वास, अनुशासन और सफलता के मंत्र
गोरखपुर। शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता के समग्र विकास का माध्यम भी होती है। इसी सोच को साकार करते हुए गुलहरिया थाना क्षेत्र के नारायणपुर नंबर-2 स्थित आधारशिला इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित छह दिवसीय समर कैंप का भव्य समापन उत्साह, उमंग और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच संपन्न हुआ। पूरे छह दिनों तक विद्यालय परिसर बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मकता और ऊर्जा से सराबोर रहा।

समर कैंप के दौरान बच्चों ने विभिन्न शैक्षिक, सांस्कृतिक, खेलकूद और आत्मरक्षा संबंधी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को निखारना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाना था।
कराटे प्रशिक्षण बना आकर्षण का केंद्र
समर कैंप में आयोजित कराटे प्रशिक्षण बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को आत्मरक्षा के विभिन्न गुर सिखाए गए तथा उन्हें विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी एवं प्रसिद्ध कराटे कोच चंद्र प्रकाश मौर्य ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि—
"कराटे केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा की एक प्रभावशाली और जीवनोपयोगी कला है। यह बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, साहस, अनुशासन और मानसिक मजबूती का विकास करती है। वर्तमान समय में प्रत्येक बच्चे के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे हर परिस्थिति का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।"
उनके प्रेरणादायक विचारों ने बच्चों में नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार किया। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ कराटे की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन कर अपनी सीख और प्रतिभा का परिचय दिया।

डांस, योग और खेल गतिविधियों से खिले बच्चों के चेहरे
समर कैंप के दौरान डांस क्लास, योग सत्र और विभिन्न फिजिकल एक्टिविटीज का भी आयोजन किया गया। बच्चों ने संगीत की धुनों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जबकि योग अभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के महत्व को समझा।
विभिन्न मनोरंजक खेलों और रचनात्मक गतिविधियों ने बच्चों के अंदर टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कैंप के प्रत्येक दिन बच्चों के लिए कुछ नया सीखने और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर लेकर आया।
विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास से मिली सफलता
विद्यालय के डायरेक्टर पी. सी. श्रीवास्तव एवं प्रिंसिपल चंदा श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस समर कैंप को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के सफल संचालन में शिक्षक अभिषेक शर्मा, राकेश कुमार, फिरोज आलम, बृजेश गौर, साधना गौर सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। वहीं सीमा मल्ल, रिमझिम, लाइबा, पायल कश्यप, नीलेश सिंह, प्रतीक सिन्हा एवं सौरभ पांडेय ने भी आयोजन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
अभिभावकों ने की विद्यालय की पहल की सराहना
समर कैंप के समापन अवसर पर अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन की इस अभिनव पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उनका कहना था कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों का शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास भी उतना ही आवश्यक है। अभिभावकों ने कहा कि खेल, योग, नृत्य और आत्मरक्षा जैसी गतिविधियां बच्चों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करती हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखती हैं।
बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार के समर कैंप बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को मंच मिलता है, उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित होते हैं।
आधारशिला इंटरनेशनल स्कूल का यह छह दिवसीय समर कैंप केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास विकास और जीवन कौशल को निखारने का एक सशक्त माध्यम साबित हुआ। कराटे, योग, डांस और रचनात्मक गतिविधियों से भरपूर इस आयोजन ने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान, मन में उत्साह और भविष्य के लिए नई प्रेरणा का संचार किया। विद्यालय की यह पहल निश्चित रूप से शिक्षा के साथ संस्कार, स्वास्थ्य और आत्मरक्षा के महत्व को नई दिशा देने वाली साबित हुई।







