मतदेय स्थलों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी की अहम बैठक

मतदेय स्थलों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी की अहम बैठक
  • 21 जुलाई तक सुझाव और आपत्तियां देने का अंतिम अवसर • निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप होंगे नए मतदेय स्थल • 25 जुलाई तक प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा

आजमगढ़।

आगामी निर्वाचन की तैयारियों को गति देते हुए आजमगढ़ जिला प्रशासन ने मतदेय स्थलों (पोलिंग स्टेशनों) के पुनर्गठन और अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदेय स्थलों का निर्धारण पारदर्शी, निष्पक्ष और मतदाता हितों को ध्यान में रखकर किए जाने पर जोर दिया गया। बैठक में जनपद के सभी उपजिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े और उन्हें समयबद्ध तरीके से सुझावों व आपत्तियों का निस्तारण कर अंतिम सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए।

1200 मतदाताओं के आधार पर होगा मतदेय स्थलों का पुनर्गठन

जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार जिन मतदेय स्थलों पर 1200 से अधिक मतदाता हैं, उनका आवश्यकतानुसार विभाजन (सम्भाजन) किया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशा है कि प्रत्येक मतदाता को अपने मतदान केंद्र तक पहुंचने में अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े और सभी मतदान केंद्र निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।

21 जुलाई अंतिम अवसर, दें सुझाव और आपत्तियां

बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं राजनीतिक दलों को एक अंतिम अवसर देते हुए कहा कि 21 जुलाई तक संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय, आजमगढ़ में मतदेय स्थलों के सम्भाजन से संबंधित अपने सुझाव एवं आपत्तियां उपलब्ध करा दें। उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि 21 जुलाई को संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों का तत्काल परीक्षण एवं सत्यापन कराया जाए तथा 22 जुलाई की शाम तक अंतिम सूची जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजी जाए।

25 जुलाई तक आयोग को भेजा जाएगा प्रस्ताव

जिलाधिकारी ने बताया कि सभी संलग्नकों सहित मतदेय स्थलों का अंतिम प्रस्ताव 25 जुलाई 2026 तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को अनुमोदन के लिए भेज दिया जाएगा। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा संपूर्ण प्रस्ताव 31 जुलाई 2026 को भारत निर्वाचन आयोग को अंतिम स्वीकृति के लिए प्रेषित किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग के मानकों का होगा पूर्ण पालन

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ऐसे मतदेय स्थल, जो मुख्य गांव या बस्ती से काफी दूर स्थित हैं, उन्हें मतदान क्षेत्र के भीतर किसी अधिक सुविधाजनक एवं सुलभ भवन में स्थानांतरित किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए लगभग दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदान केंद्रों के भवन सुरक्षित एवं उपयोग योग्य हैं, जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से कम है तथा जहां मतदाताओं को दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ती, ऐसे मतदेय स्थलों में अनावश्यक परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

बैठक में रहे जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित

बैठक में सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, अतरौलिया विधायक संग्राम यादव, गोपालपुर विधायक नफीस अहमद, मुबारकपुर विधायक अखिलेश यादव, मेंहनगर विधायक पूजा सरोज, लालगंज विधायक बेचई सरोज, उप जिला निर्वाचन अधिकारी गम्भीर सिंह सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्यीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की यह प्रक्रिया आगामी चुनावों को अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और मतदाता-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का निष्पक्ष परीक्षण किया जाएगा तथा निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप ही अंतिम मतदेय स्थल सूची तैयार कर समयसीमा के भीतर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।