लग्जरी कार हादसे में सांसद के बेटे की अल्कोहल-ड्रग टेस्ट रिपोर्ट आई, शुरुआती जांच में नशे की पुष्टि नहीं
- हैदराबाद में 26 वर्षीय महिला की मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी; ब्लड सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया, वाहन निरीक्षण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी
हैदराबाद। शहर में लग्जरी कार से हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 26 वर्षीय महिला की मौत के मामले में नया अपडेट सामने आया है। आंध्र प्रदेश के राज्यसभा सांसद लिंगमनेनी रमेश के बेटे लिंगमनेनी संजुश के शुरुआती अल्कोहल और ड्रग टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई है। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और अंतिम कार्रवाई अन्य फोरेंसिक तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह हादसा 16 अगस्त 2026 को हैदराबाद के माधापुर इलाके में इनऑर्बिट मॉल के पास हुआ था। आरोप है कि एक तेज रफ्तार एस्टन मार्टिन कार ने सड़क पार कर रही 26 वर्षीय भारती मुखी को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल भारती को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में संजुश को आरोपी बनाया है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत केस दर्ज किया गया है।
अल्कोहल और ड्रग टेस्ट में क्या आया?
हादसे के बाद पुलिस ने संजुश का प्रारंभिक अल्कोहल और ड्रग टेस्ट कराया था। पुलिस के मुताबिक दोनों शुरुआती जांचों के परिणाम निगेटिव रहे। इसके अलावा उनके ब्लड सैंपल को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। ऐसे में शुरुआती टेस्ट निगेटिव आने के बावजूद फोरेंसिक रिपोर्ट को जांच की अगली महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
गाड़ी की भी हुई जांच
हादसे में इस्तेमाल एस्टन मार्टिन कार को पुलिस ने जब्त कर लिया है। वाहन का निरीक्षण मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) द्वारा किया गया है और उसकी रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस इस रिपोर्ट के जरिए वाहन की तकनीकी स्थिति और दुर्घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। इसके बाद वाहन को अदालत में जमा कराया गया।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट पर भी नजर
पुलिस के मुताबिक मामले में केवल अल्कोहल या ड्रग टेस्ट ही निर्णायक नहीं हैं। दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट, वाहन निरीक्षण रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का अध्ययन किया जा रहा है। जांच में सामने आने वाले इन तथ्यों के आधार पर पुलिस यह तय करेगी कि आरोपी के खिलाफ आगे कौन-सी कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। पुलिस ने यह भी कहा है कि बाद में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की जरूरत महसूस होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने गिरफ्तारी को लेकर भी दी सफाई
मामले में पुलिस द्वारा तत्काल गिरफ्तारी नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठे थे। पुलिस ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों और मामले में लागू कानूनी प्रावधानों को देखते हुए आरोपी को नोटिस जारी किया गया था। पुलिस के अनुसार, संबंधित अपराध में सात वर्ष से कम सजा का प्रावधान होने के कारण गिरफ्तारी को लेकर कानूनी मानकों का पालन किया गया।
संजुश का दावा—हादसे के बाद महिला को अस्पताल पहुंचाया
संजुश ने अपने बयान में कहा है कि वह हादसे के बाद मौके से फरार नहीं हुए थे। उनके अनुसार, उन्होंने घायल भारती को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया और बाद में खुद पुलिस स्टेशन जाकर घटना के संबंध में जानकारी दी तथा जांच में सहयोग किया। यह उनका पक्ष है; हादसे की पूरी परिस्थितियों का निर्धारण पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से होगा।
अब किन रिपोर्टों से खुलेगा हादसे का पूरा सच?
फिलहाल जांच की दिशा मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर टिकी है—
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FSL की ब्लड रिपोर्ट
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वाहन की MVI निरीक्षण रिपोर्ट
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट
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हादसे से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्य
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प्रत्यक्षदर्शियों एवं संबंधित लोगों के बयान
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दुर्घटना के समय वाहन की गति और परिस्थितियों से जुड़े तकनीकी तथ्य
इन सभी पहलुओं के सामने आने के बाद ही पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई को अंतिम रूप देगी।
फिलहाल जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष का इंतजार
हैदराबाद के इस चर्चित सड़क हादसे में शुरुआती अल्कोहल और ड्रग टेस्ट निगेटिव आने से जांच का एक पहलू सामने आया है, लेकिन इससे पूरे मामले का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। फोरेंसिक, वाहन निरीक्षण, पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों की रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी। पुलिस ने भी संकेत दिया है कि आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के अनुरूप की जाएगी।







