राशन कोटेदारों को योगी सरकार की बड़ी सौगात: कमीशन ₹90 से बढ़कर ₹125 प्रति क्विंटल, CM बोले—‘₹25 और बढ़ाएंगे’
- प्रदेश के 78 हजार से अधिक कोटेदारों को मिलेगा सीधा लाभ; ई-पॉस मशीन से अब राशन वितरण व्यवस्था पर सीधे सरकार को दे सकेंगे फीडबैक
आर.वी.9 न्यूज़ |ब्यूरो चीफ़ - हरेन्द्र कुमार यादव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हजारों राशन कोटेदारों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश सरकार ने उचित दर विक्रेताओं यानी राशन कोटेदारों के कमीशन में ₹35 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। अब तक जहां कोटेदारों को ₹90 प्रति क्विंटल कमीशन मिलता था, वहीं नई व्यवस्था के तहत यह बढ़कर ₹125 प्रति क्विंटल हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कोटेदारों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि आने वाले समय में उनके कमीशन में ₹25 प्रति क्विंटल की और वृद्धि की जाएगी। सरकार के इस ऐलान को प्रदेश के 78 हजार से अधिक राशन कोटेदारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
78 हजार से अधिक कोटेदारों को मिलेगा लाभ
सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ प्रदेश के 78,000 से अधिक राशन कोटेदारों को मिलेगा। कमीशन में बढ़ोतरी से राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े इन विक्रेताओं की आय में इजाफा होगा। राशन कोटेदार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में कमीशन बढ़ाने के फैसले से उनके आर्थिक हितों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति क्विंटल किए जाने का अर्थ है कि प्रत्येक क्विंटल राशन वितरण पर कोटेदार को अब पहले की तुलना में ₹35 अधिक कमीशन मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने दिया ₹25 और बढ़ाने का भरोसा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटेदारों के हित में आगे भी कदम उठाने का संकेत दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में कमीशन में ₹25 प्रति क्विंटल की अतिरिक्त वृद्धि की जाएगी। यदि यह प्रस्तावित वृद्धि भी लागू होती है तो वर्तमान ₹125 के मुकाबले कमीशन ₹150 प्रति क्विंटल तक पहुंच जाएगा। इस घोषणा से राशन विक्रेताओं में उम्मीद जगी है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ सरकार उनके आर्थिक हितों का भी ध्यान रखेगी।
ई-पॉस मशीन से सरकार तक पहुंचेगा कोटेदारों का फीडबैक
सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम की जानकारी दी है। ई-पॉस मशीनों के माध्यम से कोटेदार अब राशन की आपूर्ति और वितरण से जुड़ी अपनी राय सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे। इस डिजिटल फीडबैक व्यवस्था से जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं की जानकारी सरकार तक सीधे पहुंचने की उम्मीद है। इससे राशन आपूर्ति, वितरण और तकनीकी दिक्कतों से जुड़े मामलों को समझने तथा उनके समाधान में मदद मिल सकती है।
‘2017 से पहले शक की निगाह से देखे जाते थे कोटेदार’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कोटेदारों को अक्सर शक की निगाह से देखा जाता था। मुख्यमंत्री के अनुसार, कुछ लोगों के कथित भ्रष्ट आचरण का असर पूरी व्यवस्था से जुड़े कोटेदारों की छवि पर पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है और कोटेदारों के सम्मान को वापस स्थापित करने की दिशा में काम किया गया है। सरकार का जोर तकनीक के इस्तेमाल के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने पर रहा है, ताकि पात्र लाभार्थियों को निर्धारित खाद्यान्न समय पर और व्यवस्थित तरीके से मिल सके।
राशन वितरण व्यवस्था में तकनीक पर जोर
ई-पॉस मशीनों के इस्तेमाल से राशन वितरण प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। इससे लाभार्थियों की पहचान, वितरण प्रक्रिया और संबंधित रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित रखने में मदद मिलती है। अब इसी तकनीकी व्यवस्था को कोटेदारों की समस्याओं और सुझावों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे सरकार को यह समझने में मदद मिल सकती है कि राशन वितरण के दौरान जमीनी स्तर पर कोटेदारों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
कोटेदारों की भूमिका को मिला महत्व
प्रदेश में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को धरातल पर लागू करने में राशन कोटेदारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक बड़ी संख्या में परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त करते हैं। ऐसे में कोटेदारों के कमीशन में वृद्धि को सरकार द्वारा वितरण व्यवस्था से जुड़े जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को आर्थिक रूप से प्रोत्साहित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। कमीशन बढ़ने से कोटेदारों को बढ़ती परिचालन लागत और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं के बीच कुछ आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री रहे मौजूद
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडे तथा राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा सहित अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे। सरकार की ओर से कोटेदारों के कमीशन में वृद्धि और डिजिटल फीडबैक व्यवस्था को सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कोटेदारों के लिए बढ़ी उम्मीदें
कमीशन में ₹35 की तत्काल वृद्धि और भविष्य में ₹25 और बढ़ाने के मुख्यमंत्री के आश्वासन से प्रदेश के राशन कोटेदारों के बीच उम्मीदें बढ़ी हैं। अब देखना होगा कि प्रस्तावित अतिरिक्त ₹25 की वृद्धि कब और किस प्रक्रिया के तहत लागू होती है। फिलहाल ₹90 से बढ़कर ₹125 प्रति क्विंटल हुआ कमीशन हजारों कोटेदारों के लिए निश्चित रूप से आर्थिक राहत का विषय है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में कदम
राशन कोटेदारों का कमीशन बढ़ाने के साथ-साथ ई-पॉस मशीनों के माध्यम से सीधे फीडबैक की व्यवस्था सरकार के उस प्रयास को दर्शाती है, जिसमें कोटेदारों के आर्थिक हित, डिजिटल पारदर्शिता और राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी—तीनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश की जा रही है।
यदि प्रस्तावित ₹25 की अतिरिक्त वृद्धि भी लागू होती है, तो कोटेदारों का कमीशन ₹150 प्रति क्विंटल तक पहुंच सकता है। ऐसे में यह फैसला प्रदेश की राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े हजारों परिवारों के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।







