अर्नब तूफान ने आजमगढ़ में मचाई तबाही, 100 जगह पेड़ गिरे; 150 बिजली पोल टूटे, 20 उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप
- 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने बिगाड़े हालात, आजमगढ़-गाजीपुर स्टेट हाईवे समेत कई मार्गों पर घंटों थमा यातायात; शहर के निचले इलाकों में जलभराव

आजमगढ़। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से शुक्रवार से शनिवार तक जिले में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने व्यापक असर डाला। करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण जिले में लगभग 100 स्थानों पर पेड़ गिरने की सूचना है। कई जगह पेड़ और डालियां विद्युत लाइनों पर गिरने से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई। स्थिति यह रही कि आजमगढ़-गाजीपुर स्टेट हाईवे सहित कई लिंक मार्गों पर घंटों आवागमन बाधित रहा। वहीं जिले में करीब 150 स्थानों पर बिजली के पोल और तार टूटने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक शुक्रवार शाम से शनिवार देर शाम तक कई क्षेत्रों में बिजली संकट बना रहा।

20 उपकेंद्रों से 24 घंटे बाद भी नहीं बहाल हो सकी बिजली
तेज हवा और बारिश से बिजली विभाग को भी भारी नुकसान हुआ। जिले में शहरी क्षेत्र में करीब 60 सहित कुल 150 बिजली पोल गिरने की बात सामने आई है। इसके चलते कई विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। बताया गया कि 20 विद्युत उपकेंद्रों से 24 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। लगातार बिजली गुल रहने से लोगों को पीने के पानी समेत रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। विद्युत विभाग की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में फाल्ट तलाशने और क्षतिग्रस्त पोल व तारों को ठीक करने में जुटी हैं। हालांकि कई स्थानों पर क्षति अधिक होने के कारण बहाली में समय लग रहा है।
24 घंटे में करीब 25 मिमी बारिश, रविवार को भी भारी बारिश की संभावना
पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में करीब 25 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार से शनिवार शाम तक रुक-रुककर हुई बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। मौसम विभाग ने रविवार को भी भारी बारिश की आशंका जताई है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों, पेड़ों और जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत एवं व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है।
शहर के निचले इलाकों में जलभराव, नगरपालिका परिसर भी पानी में डूबा
तेज बारिश का असर शहरी क्षेत्र में भी देखने को मिला। दोपहर में हुई बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। शहर के मध्य स्थित नगरपालिका कार्यालय परिसर भी जलभराव की चपेट में आ गया। इसके अलावा जलकल कार्यालय परिसर में भी पानी जमा हो गया। इससे कार्यालयों में कामकाज प्रभावित होने के साथ कर्मचारियों और लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सगड़ी : दर्जनों गांवों में दो दिन से बिजली गुल
सगड़ी तहसील क्षेत्र में तेज हवा और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ और उनकी डालियां विद्युत तारों पर गिर गईं। इससे बोझिया, महुलिया, कठैचा, सुंदर सराय बल्लो, कोकिलपार, कोठिया, डोरवा समेत दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। ग्रामीणों के अनुसार लगातार दो दिनों से बिजली न होने के कारण उन्हें रात अंधेरे में बितानी पड़ रही है। बिजली के अभाव में पीने के पानी और घरेलू कार्यों को लेकर भी परेशानी बढ़ गई है। विद्युत विभाग की टीमें फाल्ट ठीक करने और लाइनों को दुरुस्त करने में लगी हैं, लेकिन कई स्थानों पर क्षति अधिक होने के कारण अब तक आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है। लगातार बिजली संकट से ग्रामीणों में परेशानी के साथ विभाग के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है।
तहबरपुर : मुख्य मार्ग पर पेड़ गिरा, घंटों थमा आवागमन
तहबरपुर में शुक्रवार रात आंधी-बारिश के दौरान कप्तानगंज-तहबरपुर-मुहम्मदपुर (केटीएम) मुख्य मार्ग पर तहबरपुर थाने के पास अंडरपास के समीप खरचलपुर में बबूल का पेड़ सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने से मुख्य मार्ग पर घंटों यातायात बाधित रहा। शनिवार सुबह डीएलएड की परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों और अन्य राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पेड़ गिरने के कारण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी रात से प्रभावित रही।
बिलरियागंज : चलती कार पर गिरा विशाल पीपल का पेड़, तीन लोग बाल-बाल बचे
बिलरियागंज क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब 10 बजे आजमगढ़-बिलरियागंज मार्ग पर श्रीनगर (सियरहां) गांव के पास तेज आंधी और बारिश के दौरान एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक चलती कार पर गिर गया। कार में सवार जयराजपुर निवासी वाहिद खान समेत तीन लोग बाल-बाल बच गए। हालांकि पेड़ गिरने से कार क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और कार में फंसे तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पेड़ सड़क पर गिरने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर पेड़ को सड़क से हटाने का काम शुरू किया, जिसके बाद यातायात बहाल कराने की कवायद की गई।
फरिहा : पुलिस चौकी परिसर में पोल पर गिरा पेड़, टला बड़ा हादसा
फरिहा पुलिस चौकी परिसर में शनिवार को तेज हवा के दौरान एक पेड़ विद्युत पोल के ऊपर जा गिरा। पेड़ के गिरते ही विद्युत पोल टूट गया और तार जमीन पर आ गिरे। गनीमत रही कि घटना के समय आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। पोल और तार गिरने के बाद पुलिस चौकी की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना संबंधित विभाग को दी गई। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
लखनऊ-बलिया मार्ग पर पेड़ गिरा, प्रशासन ने तत्काल हटवाया
तेज आंधी और बारिश के कारण लखनऊ से बलिया मार्ग पर भी पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हुआ। जिला प्रशासन ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए वन विभाग और पुलिस विभाग के समन्वय से पेड़ को हटवाया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात सुचारु कराया गया। प्रशासन के स्तर से लगातार ऐसे स्थानों पर नजर रखी जा रही है, जहां पेड़, बिजली के पोल या अन्य संरचनाएं गिरने से यातायात अथवा जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन अलर्ट, संयुक्त टीमें राहत कार्य में जुटीं
जिला प्रशासन के अनुसार, जनपद में रात से लगातार हो रही भारी बारिश और आंधी-तूफान के कारण विभिन्न मार्गों पर पेड़, कच्चे मकान और बिजली के खंभे गिरने की सूचनाओं का तत्काल संज्ञान लिया जा रहा है। स्थिति के अनुसार राजस्व, वन, विद्युत और पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमें मौके पर भेजी जा रही हैं। जहां पेड़ या बिजली के खंभे गिरे हैं, वहां उन्हें हटाकर आवागमन सुचारु कराया जा रहा है। वहीं कच्चे मकान गिरने की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। प्रशासन का कहना है कि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रखा गया है।
मौसम को देखते हुए सावधानी जरूरी
अर्नब तूफान के प्रभाव से जिले में सामने आई स्थिति को देखते हुए आने वाले घंटों में भी लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने, टूटे बिजली तारों के पास जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों से गुजरने से बचना जरूरी है। प्रशासन की टीमें राहत और बहाली कार्य में जुटी हैं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा रविवार को भी भारी बारिश की संभावना जताए जाने के कारण लोगों की निगाहें अब मौसम के अगले अपडेट पर टिकी हैं। प्रकाशन से पहले एक तथ्य जरूर जांच लें: खबर में “चक्रवाती तूफान अर्नब” का नाम और मौसम विभाग की चेतावनी का आधिकारिक संदर्भ उपलब्ध हो तो उसे जोड़ना बेहतर रहेगा। इससे रिपोर्ट की विश्वसनीयता और मजबूत होगी।









