7,045 मीटर की ऊंचाई पर तिरंगा फहराकर भारतीय तटरक्षक दल ने रचा इतिहास!
- माउंट मुकुट पर 17 सदस्यीय टीम का सफल अभियान, 2027 में माउंट एवरेस्ट फतह करने की तैयारियों को मिली नई मजबूती
देहरादून। हौसले बुलंद हों, इरादे मजबूत हों और लक्ष्य राष्ट्र का गौरव बढ़ाना हो, तो दुर्गम पहाड़ भी रास्ता नहीं रोक सकते। इसी जज्बे, अनुशासन और अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के 17 सदस्यीय पर्वतारोहण दल ने हिमालय की चुनौतीपूर्ण 7,045 मीटर ऊंची माउंट मुकुट चोटी को सफलतापूर्वक फतह कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 7 अक्टूबर 2026 को पूरा हुआ यह अभियान भारतीय तटरक्षक बल के लिए केवल एक पर्वतारोहण उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्ष 2027 में प्रस्तावित ऐतिहासिक माउंट एवरेस्ट अभियान की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 12 अक्टूबर 2026 को देहरादून में पर्वतारोहण दल का स्वागत किया और सदस्यों के साहस, धैर्य तथा टीम भावना की सराहना की।
18 महीने की कठिन तैयारी के बाद मिली सफलता
माउंट मुकुट अभियान भारतीय तटरक्षक बल के 18 महीने के गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का पांचवां और अंतिम महत्वपूर्ण चरण था। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2027 में भारतीय तटरक्षक बल की स्वर्ण जयंती के अवसर पर प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए पर्वतारोहियों को तैयार करना है। इस चुनौतीपूर्ण अभियान की शुरुआत 15 सितंबर 2026 को हुई। इसके बाद टीम ने एक अक्टूबर को पहला आधार शिविर स्थापित किया और आगे बढ़ते हुए खराब मौसम तथा हिमालय की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना किया। कठिन चढ़ाई, प्रतिकूल मौसम और ऊंचाई से जुड़ी चुनौतियों के बीच दल ने 7 अक्टूबर को 7,045 मीटर ऊंची माउंट मुकुट चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचकर अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने बढ़ाया पर्वतारोहियों का उत्साह
देहरादून में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय तटरक्षक बल के पर्वतारोहियों की उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने दल के सदस्यों के साहस, शारीरिक क्षमता और कठिन परिस्थितियों में लक्ष्य हासिल करने के संकल्प को राष्ट्रीय गौरव से जुड़ी उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री ने इस सफलता को उन युवाओं और देशवासियों के लिए प्रेरणादायक बताया, जो बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ते हैं।
अपर महानिदेशक ने की टीमवर्क और अनुशासन की सराहना
भारतीय तटरक्षक बल के अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला ने भी पूरे पर्वतारोहण दल को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने हिमालय के दुर्गम क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच उत्कृष्ट टीमवर्क, अनुशासन और समर्पण के साथ अभियान पूरा करने के लिए सदस्यों की सराहना की। पर्वतारोहण जैसे कठिन अभियानों में व्यक्तिगत क्षमता के साथ-साथ आपसी तालमेल, सही निर्णय और टीम के प्रत्येक सदस्य के प्रति जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। माउंट मुकुट अभियान की सफलता इन्हीं गुणों का परिचायक है।
अब नजरें 2027 के माउंट एवरेस्ट अभियान पर
माउंट मुकुट अभियान से प्राप्त अनुभव भारतीय तटरक्षक बल के आगामी एवरेस्ट अभियान की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऊंचाई पर काम करने, मौसम के बदलाव का सामना करने, सुरक्षित चढ़ाई की रणनीति बनाने और सीमित संसाधनों में टीम का समन्वय बनाए रखने जैसे पहलुओं पर इस अभियान से महत्वपूर्ण सीख मिली है। वर्ष 2027 में भारतीय तटरक्षक बल की स्वर्ण जयंती के अवसर पर प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट अभियान इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का अगला बड़ा लक्ष्य है। माउंट मुकुट की सफल चढ़ाई ने दल की तैयारियों को एक नई दिशा और मजबूती प्रदान की है।
साहस, अनुशासन और राष्ट्रगौरव की प्रेरक कहानी
माउंट मुकुट की चोटी तक पहुंचना केवल ऊंचाई को पार करना नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने, सामूहिक शक्ति पर भरोसा करने और निर्धारित लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की परीक्षा भी है। भारतीय तटरक्षक बल के 17 सदस्यीय दल ने अपनी इस उपलब्धि से साबित किया है कि निरंतर प्रशिक्षण, मजबूत इच्छाशक्ति और टीम भावना के बल पर बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। माउंट मुकुट पर मिली यह सफलता अब एवरेस्ट की ओर बढ़ते कदमों की मजबूत नींव है। देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला भारतीय तटरक्षक बल अब पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी अपने साहस, क्षमता और अनुशासन का परिचय दे रहा है। वर्ष 2027 के प्रस्तावित एवरेस्ट अभियान को लेकर इस सफलता ने नई उम्मीदें जगाई हैं।







